हाईकोर्ट का बड़ा फैसला : 9 नगर निगमों और 100 से अधिक नगर पालिकाओं के चुनाव की अधिसूचना जारी करने पर लगा दी रोक

by

चंडीगढ़- पंजाब में शहरी निकाय चुनावों के संदर्भ में पंजाब सरकार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से एक महत्वपूर्ण झटका लगा है। अदालत ने राज्य के नौ नगर निगमों और 100 से अधिक नगर पालिकाओं के चुनाव की अधिसूचना जारी करने पर रोक लगा दी है।

अदालत ने स्पष्ट किया है कि जब तक वार्डबंदी को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर राज्य सरकार अपना जवाब नहीं देती, तब तक चुनाव प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता।

सरकारी जवाब न देने पर कोर्ट की नाराजगी : सुनवाई के दौरान, अदालत ने देखा कि वार्डबंदी के खिलाफ कई याचिकाओं पर पहले ही नोटिस जारी किए जा चुके हैं, लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई जवाब नहीं आया। इस पर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए सरकार के रवैये की आलोचना की और इसे न्यायिक प्रक्रिया की अनदेखी बताया। मामले की अगली सुनवाई 18 फरवरी को होगी।

अदालत की स्पष्ट टिप्पणी : हाईकोर्ट ने कहा, ‘सरकार के जवाब दाखिल किए बिना नगर निगमों और नगर समितियों के चुनावों की अधिसूचना जारी नहीं की जा सकती।’

वार्डबंदी पर मनमानी के आरोप : याचिकाकर्ताओं ने अदालत में दलील दी, कि नई वार्डबंदी में व्यापक स्तर पर मनमानी की गई है। आरोप लगाया गया कि परिसीमन प्रक्रिया में राजनीतिक पक्षपात किया गया और जनसंख्या संतुलन के मानकों की अनदेखी की गई है। इसी आधार पर दर्जनों याचिकाएं हाईकोर्ट में दायर की गई हैं।

इन नगर निगमों के चुनाव प्रभावित : जिन नगर निगमों की वार्डबंदी को चुनौती दी गई है, उनमें बटाला, पठानकोट, कपूरथला, होशियारपुर, मोहाली, बठिंडा, अबोहर, मोगा और बरनाला शामिल हैं। अदालत के आदेश के चलते इन सभी नगर निगमों और राज्य की 100 से अधिक नगर समितियों के चुनावों की अधिसूचना पर रोक लग गई है।

सरकार की चुनावी तैयारी पर असर: हाईकोर्ट के इस अंतरिम आदेश से, पंजाब सरकार की शहरी निकाय चुनाव कराने की समय-सीमा पर संकट खड़ा हो गया है। प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी थीं, लेकिन अब अदालत की अनुमति के बिना चुनाव प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जा सकेगी।

अदालत ने स्पष्ट किया है कि 18 फरवरी को होने वाली अगली सुनवाई में यह तय किया जाएगा कि सरकार को कोई राहत दी जाती है या फिर अंतरिम रोक को आगे भी जारी रखा जाएगा। फिलहाल पूरे राज्य में शहरी निकाय चुनाव न्यायिक रोक के चलते ठप पड़े हुए हैं, जिसे राजनीतिक गलियारों में सरकार के लिए बड़ा संवैधानिक झटका माना जा रहा है।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
पंजाब

आप सरकार की जनविरोधी नीतियों के कारण गरीब, किसान, मजदूर को लूटने नहीं देगी बसपा – करीमपुरी बसपा की समीक्षा बैठकों के दौरान बूथ स्तर पर पार्टी को मजबूत करने के दिशा-निर्देश जारी किए

होशियारपुर/दलजीत अजनोहा : बहुजन समाज पार्टी लोकसभा होशियारपुर विधानसभा क्षेत्रों की समीक्षा बैठकों के दौरान बसपा पंजाब अध्यक्ष डॉ. अवतार सिंह करीमपुरी पूर्व राज्यसभा सदस्य ने संगठन विस्तार की जानकारी प्राप्त की तथा टीमों...
article-image
पंजाब

मुख्यमंत्री भगवंत मान की कोठी के समक्ष दो धरनाकारियों द्वारा खुदकुशी का प्रयास

संगरूर : मुख्यमंत्री भगवंत मान की संगरूर कोठी के समक्ष मरणव्रत पर बैठे पंजाब पुलिस भर्ती उम्मीदवारों में से दो ने गतरात्रि खुदकुशी करने का प्रयास किया। जिन्हें सिविल अस्पताल दाखिल करवाया गया है।...
article-image
पंजाब , हिमाचल प्रदेश

छात्राओं से छेड़छाड़ के आरोप में फिजिक्स का शिक्षक बर्खास्त

एएम नाथ। सोलन :  हिमाचल प्रदेश सरकार ने एक वरिष्ठ भौतिकी शिक्षक को छात्राओं के साथ कथित छेड़छाड़ के आरोप में तत्काल प्रभाव से नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। सरकार ने यह कार्रवाई...
article-image
पंजाब , हरियाणा

तिवारी ने टंडन को मुद्दों पर बात करने की दी चुनौती : व्यक्तिगत हमलों का सहारा लेने के लिए भाजपा की निंदा की 

चंडीगढ़, 24 मई: चंडीगढ़ से इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार मनीष तिवारी ने अपने भाजपा प्रतिद्वंद्वी संजय टंडन को व्यक्तिगत और दुर्भावनापूर्ण हमलों का सहारा लेने की बजाय लोगों से जुड़े मुद्दों पर बात करने...
Translate »
error: Content is protected !!