चंडीगढ़ : पंजाब में बाढ़ से निजात दिलाने के लिए प्रदेश सरकार लगातार प्रयासरत्त है। इसी सब के चलते आनी वाली गर्मियों से पहले प्रदेश सरकार ने बाढ़ से बचाव कार्य युद्ध स्तर पर शुरू कर दिए हैं। इसी सब के चलते सतलुज और स्वां दरियाओं के किनारे बसे गांवों के लिए 52 करोड़ रुपए की व्यापक बाढ़ सुरक्षा योजना की घोषणा की है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने मानसून सीजन के दौरान बाढ़ की मार झेलते आ रहे कई प्रभावित क्षेत्रों के लिए स्थाई समाधान सुनिश्चित किए हैं।
संवेदनशील गांवों में स्थाई प्रबंध किए जाएंगे
इस महत्वपूर्ण योजना के बारे में जानकारी देते हुए पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि श्री आनंदपुर साहिब हलके में सतलुज और स्वां के किनारे रहने वाले निवासियों को बड़ी राहत प्रदान करते हुए पंजाब सरकार ने 52 करोड़ रुपये की व्यापक बाढ़ सुरक्षा योजना की घोषणा की है ताकि मानसून के दौरान बाढ़ की मार झेलते आ रहे कई संवेदनशील गांवों को स्थायी रूप से सुरक्षित बनाया जा सके।
हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने इस क्षेत्र में बाढ़ सुरक्षा बुनियादी ढांचे से संबंधित व्यापक परियोजनाओं में तेजी लाई है। 52 करोड़ रुपये के कार्यों के लिए पहले ही टेंडर जारी किए जा चुके हैं और कार्य शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के निर्माण में पंद्रह दिनों के भीतर और तेजी लाई जाएगी। इसके अलावा, 30 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली परियोजनाएं विचाराधीन हैं।
लोगों की सुरक्षा सरकार के लिए सर्वोपरि : इस पहल के महत्व को उजागर करते हुए बैंस ने कहा कि हमारे लोगों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता। पिछले वर्ष आई भीषण बाढ़ ने हमें सबक सिखाया है। हम ठोस और दीर्घकालिक सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं। प्रमुख परियोजनाओं के बारे में जानकारी साझा करते हुए बैंस ने कहा कि गांव दसगराईं और महैन में डंगा निर्माण के लिए 1 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की जाएगी। गांव हरसा बेला, जहां पिछले वर्ष 4.5 करोड़ रुपये के बाढ़ सुरक्षा कार्य किए गए थे, को उन्नत डिजाइन वाले 2,200 फुट लंबे डंगे के निर्माण हेतु 9 करोड़ रुपए दिए जाएंगे। इसी तरह अन्य गांवों को भी ग्रांट दी जाएगी
