24 से 27 मार्च तक जिला स्तर पर विरोध प्रदर्शन कर और मांग पत्र दिए जाएंगे
गढ़शंकर, 24 मार्च: पंजाब वनकर्मी युनियन की बैठक प्रदेश अध्यक्ष अमरिक सिंह गढ़शंकर की अध्यक्षता में ऑनलाइन आयोजित की गई। बैठक का संचालन प्रदेश सचिव जसविंदर सिंह सौजा ने किया। बैठक में उपस्थित महासचिव जसवीर सिंह सीरा, वित्त सचिव अमनदीप सिंह छत, विरसा सिंह चहिल, रणजीत गुरदासपुर और सतनाम सिंह संगतीवाला ने कहा कि पंजाब सरकार ने पिछले 25 वर्षों से वन एवं वन्यजीव विभाग में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी वरिष्ठ निरक्षर कर्मचारियों को वेतन तक नहीं दिया है। माननीय उच्च न्यायालय के 26 फरवरी 2024 के फैसले में वनकर्मियों के बकाया का भुगतान किया जाना था, लेकिन सरकार द्वारा राजकोष पर लगाए गए प्रतिबंध के कारण इन श्रमिकों के खातों में वेतन और बकाया राशि जमा नहीं हो सकी। यह पहली बार है कि आम आदमी सरकार ने मार्च माह के लिए वनकर्मियों के वेतन का बजट भेजा और फिर उसे वापस ले लिया। वनकर्मियों के परिवार चिंतित हैं क्योंकि मार्च माह में बच्चों का स्कूल में दाखिला न होने के कारण वे उन्हें शिक्षा नहीं दे पा रहे हैं और सरकार माननीय न्यायालयों के फैसलों की अवहेलना कर रही है। बलवीर तरन तारन, रवि लुधियाना, बब्बू मानसा, बलराज पठानकोट, रविकांत रोपड़ और सुखदेव जालंधर ने कहा कि मौजूदा महंगाई में परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है। जिसके चलते संगठन ने यह निर्णय लिया कि फेडरेशन के समर्थन से, पंजाब के सभी जिला केंद्रों में 24 से 27 मार्च तक विरोध प्रदर्शन और रैलियां आयोजित करके माननीय उपायुक्तों और वन विभाग के अधिकारियों के माध्यम से पंजाब के माननीय वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा को एक मांग पत्र भेजा जाएगा। युनियन के नेताओं ने कर्मचारियों को बिना किसी शर्त के स्थायी करने, विभाग के कर्मचारियों की वरिष्ठता सूची को 31-03-2026 तक अपडेट करने, विभाग में नए कर्मियों को काम पर रखने, विभाग के कार्यों को ठेकेदारों से न करवाने, विभाग में नए कर्मचारियों को तैनात करने, न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने आदि की मांग की।