किशोरियों और माताओं को दिया स्वास्थ्य व संतुलित आहार का संदेश
एएम नाथ। चंबा : जिले में चल रहे पोषण पखवाड़ा के तहत दूसरे दिन विभिन्न क्षेत्रों में जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया। पांगी क्षेत्र में पोषक व्यंजनों और मोटे अनाज की प्रदर्शनी सजाई गई, जिसमें स्थानीय लोगों को संतुलित आहार और पारंपरिक खाद्य पदार्थों के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इस दौरान लोगों को बताया गया कि मोटे अनाज न केवल पौष्टिक होते हैं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी हैं।
आंगनवाड़ी केंद्र वरनयूं गड्मस में स्वास्थ्य एवं पोषण शिविर का आयोजन किया गया, जहां महिलाओं और बच्चों को सही खानपान, स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी प्रदान की गई। वहीं, चंबा के आंगनवाड़ी केंद्र लम्सेरी बरोर में आयुर्वेदिक विभाग की टीम ने किशोरियों और माताओं के स्वास्थ्य की जांच की और उन्हें बीमारियों से बचाव के उपाय बताए।
चुवाड़ी के धुलारा सर्किल में आयोजित कार्यक्रम में कुपोषण को दूर करने के उपायों पर विशेष चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने बताया कि संतुलित आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच और जागरूकता के माध्यम से कुपोषण जैसी गंभीर समस्या पर काबू पाया जा सकता है। इस अवसर पर महिलाओं और किशोरियों को पौष्टिक भोजन अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
पोषण पखवाड़ा के संबंध में जानकारी देते हुए जिला समन्वयक विकास शर्मा ने बताया कि जिला चंबा के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में निर्धारित गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत गृह भ्रमण के माध्यम से भी लोगों को पोषक व्यंजनों और संतुलित आहार के बारे में जागरूक किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि 11 अप्रैल 2026 को सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में संतुलित आहार बनाने की प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही किशोरियों को जंक फूड के दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी, ताकि वे स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित हो सकें।
पोषण पखवाड़ा के माध्यम से जिले में लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे आने वाले समय में कुपोषण की समस्या को कम किया जा सके।
