पंजाब एससी कमिशन के चेयरमैन ने वैसाखी के पावन अवसर पर श्री खुरालगढ़ साहिब में टेका माथा
सामाजिक समानता और भाईचारे का दिया संदेश
श्री खुरालगढ़ साहिब (होशियारपुर), 13 अप्रैल:
पंजाब अनुसूचित जाति आयोग के चेयरमैन जसवीर सिंह गढ़ी ने कहा कि आयोग की ओर से प्रदेश के हर ज़िले, तहसील व गांव में 25-25 वालंटियर्स की टीम बनाई जा रही है ताकि अनुसूचित जाति वर्ग से संबंधित लोगों की शिकायतों के निपटारे में तेजी लाई जा सके। वे आज
वैसाखी के पावन पर्व तथा संविधान निर्माता डॉ. भीम राव अंबेडकर के जन्म दिवस उपलक्ष्य पर श्री खुरालगढ़ साहिब में स्थित पवित्र स्थलों पर माथा टेकने के उपरांत पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने श्री चरण-छोह प्राप्त गंगा स्थल तथा श्री गुरु रविदास जी महाराज के तप स्थान श्री खुरालगढ़ साहिब में श्रद्धापूर्वक नमन किया और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।
पत्रकारों को संबोधित करते हुए चेयरमैन जसवीर सिंह गढ़ी ने कहा कि श्री गुरु रविदास महाराज जी ने इसी पावन धरा पर लगभग 4 वर्ष 2 महीने 11 दिन तक तपस्या कर मानवता, समानता और भाईचारे का संदेश दिया। उनकी शिक्षाएं आज भी समाज को ऊंच-नीच और भेदभाव से ऊपर उठकर एकजुट रहने की प्रेरणा देती हैं।
जसवीर सिंह गढ़ी ने कहा कि वैसाखी का त्योहार हमारे देश और विशेष रूप से पंजाब की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का महत्वपूर्ण प्रतीक है। उन्होंने डॉ. भीम राव अंबेडकर के योगदान को याद करते हुए कहा कि संविधान ने देश के हर नागरिक को समान अधिकार प्रदान किए हैं और सामाजिक न्याय की मजबूत नींव रखी है। यह दिवस हमें समानता, अधिकारों और सामाजिक न्याय के मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने आगे कहा कि गुरु साहिबानों की शिक्षाएं और बाबा साहेब अंबेडकर के विचार समाज को समानता, भाईचारे और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं, जिन्हें अपने जीवन में अपनाना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए पंजाब सरकार निरंतर प्रयासरत है और अनुसूचित जाति वर्ग के अधिकारों की रक्षा तथा उन्हें समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे सामाजिक भेदभाव को समाप्त करने में अपना योगदान दें और एक समरस समाज के निर्माण में सहयोग करें।
इस अवसर पर बाबा केवल सिंह, बाबा नरेश सिंह, बाबा सुखदेव सिंह, डॉ. कुलवरन सिंह, मक्खन सिंह वहीदपुरी, हरभजन सिंह, चौधरी जीत सिंह, बिंदर सिंह, सतपाल सिंह, रोशन सरपंच, चरण भारती, डॉ. जसवीर, गुरलाल सैला के अलावा अन्य गणमान्य भी मौजूद थे।
