चंडीगढ़ : आंगनवाड़ी मुलाज़िम यूनियन पंजाब (सीटू) का एक शिष्ट मंडल आज महिला एवं बाल विकास विभाग की मंत्री डॉ. बलजीत कौर से पंजाब भवन में मुलाकात कर आंगनवाड़ी वर्करों और हेल्परों की लंबे समय से लंबित मांगों को उठाया। इस शिष्ट मंडल में प्रदेश प्रधान हरजीत कौर पंजोला, जनरल सेक्रेटरी सभा सराणी, वित्त सचिव अमृतपाल कौर, मीत प्रधान गुरप्रीत कौर और ऑल इंडिया जनरल सेक्रेटरी ऊषा रानी सहित अन्य नेता शामिल थे। विभाग की ओर से डायरेक्टर और अन्य उच्च अधिकारी भी बैठक में मौजूद थे।
मीटिंग के दौरान यूनियन की ओर से मुख्य मुद्दा मोबाइल फोनों का उठाया गया। नेताओं ने स्पष्ट किया कि आंगनवाड़ी वर्करों को पुराने और इस्तेमाल किए हुए मोबाइल किसी भी हालत में स्वीकार नहीं होंगे। उन्होंने मांग की कि पोषण अभियान के फंडों से खरीदे जाने वाले मोबाइल नए और डिब्बा-बंद होने चाहिए और यह सीधे तौर पर वर्करों और हेल्परों को दिए जाएं। साथ ही यह भी जोर देकर कहा गया कि किसी भी कर्मचारी को अपने निजी मोबाइल से सरकारी योजनाओं की रजिस्ट्रेशन करने के लिए मजबूर न किया जाए।
यूनियन ने हेल्परों की प्रमोशन संबंधी गंभीर मुद्दा भी उठाया और मांग की कि दसवीं पास हेल्परों को तुरंत वर्कर बनाया जाए। इसके साथ ही हेल्परों की रिटायरमेंट उम्र को 60 साल तक सीमित करने के फैसले का विरोध करते हुए कहा गया कि पहले बने नियमों के अनुसार ही उन्हें सभी हक दिए जाएं और रिटायरमेंट उम्र में कोई कटौती न की जाए।
सुपरवाइजरों की खाली पदों को लेकर भी यूनियन ने अपना कड़ा रुख जाहिर किया। नेताओं ने कहा कि एक-एक सुपरवाइजर पर बेहद काम का बोझ है और लंबे समय से वर्करों को सुपरवाइजर बनने के मौके से वंचित रखा जा रहा है। इसलिए तुरंत प्रमोशन करके पदों को भरा जाए।
मीटिंग के दौरान यूनियन ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी कि अगर आंगनवाड़ी वर्करों और हेल्परों की हक़ी मांगों का जल्द समाधान नहीं किया गया तो संघर्ष को और तेज किया जाएगा। यूनियन ने दृढ़ता से कहा कि वह किसी भी दबाव में नहीं झुकेगी और अपने अधिकारों की प्राप्ति के लिए लड़ाई जारी रखेगी।
यूनियन ने अंत में कहा कि सरकार को तुरंत वास्तविक कदम उठाकर मज़दूर वर्ग के हक़ों की रक्षा करनी चाहिए, नहीं तो इस संघर्ष के परिणामों की पूरी ज़िम्मेदारी पंजाब सरकार की होगी।
