रैली की तैयारियों के लिए 23 अप्रैल को होशियारपुर में की जाएगी कन्वेंशन
गढ़शंकर, 19 अप्रैल : कर्मचारियों की वित्तीय मांगों को हल करने से इनकार करने वाली पंजाब सरकार के खिलाफ “पुराने स्केल, पेंशन और भत्ते बहाली मोर्चा” की अगुवाई में 17 मई को मोहाली में विशाल रोष रैली की जाएगी। इस संबंध में जानकारी देते हुए पुराने स्केल, पेंशन और भत्ते बहाली मोर्चा के राज्य नेता संदीप सिंह गिल, मुकेश गुजराती, डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट के जिला प्रधान सुखदेव सिंह डानसीवाल, 4161 मास्टर कैडर यूनियन के नेता बलकार सिंह मघाणिया, 5994 अध्यापक यूनियन के नेता समुद्र गुप्ता ने बताया कि पंजाब की ‘आप’ सरकार द्वारा कर्मचारियों की वित्तीय मांगों के प्रति अपनाई गई बेरुखी का उचित जवाब बड़े संघर्षों के जरिए दिया जाएगा। वित्त मंत्री हरपाल चीमा द्वारा विधानसभा में ‘पुरानी पेंशन बहाल करने में जल्दबाजी न दिखाने’ के दिए गए बयान के जरिए 4 साल पहले अपनी ही सरकार के कागजी नोटिफिकेशन को लागू करने से साफ तौर पर मुकरने की भी कड़े शब्दों में निंदा की गई और पंजाब सरकार को कर्मचारी संघर्षों का सामना करने के लिए तैयार रहने की चेतावनी दी गई। नेताओं ने बताया कि नए केंद्रीय स्केलों के आधार पर 17-7-2020 का नोटिफिकेशन पूरी तरह रद्द करवाकर छठे पंजाब वेतन आयोग सहित 15% वृद्धि के अनुसार वेतन फिक्स करवाना, डॉ. सौरव शर्मा और अन्य समान अदालती मामलों में सेवा नियमों के अनुसार सही अर्थों में पंजाब वेतन स्केल लागू करवाना, समग्र शिक्षा अभियान से शिक्षा विभाग में वेतन कटौती करते हुए नए स्केलों में नियमित किए गए नॉन-टीचिंग कर्मचारियों को वर्ष 2018 से बनती नियमितीकरण के अनुसार पंजाब वेतन स्केलों के सभी लाभ बहाल करना, 1-1-2004 के बाद भर्ती कर्मचारियों पर लागू कॉरपोरेट पक्षीय नई पेंशन प्रणाली को रद्द कर पुरानी पेंशन प्रणाली बहाल करवाना और कर्मचारियों के कटे हुए 37 प्रकार के भत्तों सहित ग्रामीण क्षेत्र भत्ता, बॉर्डर एरिया भत्ता, ए.सी.पी. का लाभ और लंबित 16% महंगाई भत्ता लागू करवाना, अपने घरों से दूर सेवा कर रहे अध्यापकों को बदली का मौका दिलवाने की मांग को लेकर संघर्षों को तेज करने के फैसले के अनुसार 17 मई 2026 को मोहाली में हजारों कर्मचारियों की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए विशाल राज्य स्तरीय रैली की जाएगी और मुख्यमंत्री भगवंत मान के चंडीगढ़ निवास की ओर मार्च किया जाएगा। राज्य स्तरीय रैली से पहले 23 अप्रैल को होशियारपुर में जिला स्तरीय लामबंदी कन्वेंशन करके रोष मार्च के रूप में मुख्यमंत्री को कर्मचारियों की वित्तीय मांगें पूरी न करने के विरोध में ‘चेतावनी पत्र’ भेजने की पूरी रूपरेखा तैयार की जाएगी। इसके अलावा मजदूर दिवस के अवसर पर 1 मई 2026 को मुख्यमंत्री निवास चंडीगढ़ में मास डिप्यूटेशन के रूप में पहुंचकर 17 मई की राज्य स्तरीय रैली और रोष मार्च का ‘नोटिस कम मांग पत्र’ सौंपा जाएगा। नेताओं ने यह भी बताया कि पंजाब भर के विभिन्न विभागों और संस्थानों के दफ्तरों-स्कूलों तक व्यापक अभियान चलाकर 17 मई की राज्य स्तरीय रैली और मुख्यमंत्री निवास चंडीगढ़ की ओर मार्च के लिए बड़ी लामबंदी की जाएगी।
इस समय अन्य के अलावा विनय कुमार, जगदीप सिंह, संदीप कुमार, जर्नैल सिंह, जसविंदर सिंह, इकबाल सिंह लुधियाना, कुलदीप सिंह रामनगर और बग्गा सिंह मानसा आदि नेता भी उपस्थित थे।
131 : पुराने स्केल, पुरानी पेंशन और भत्तों के लिए किए जा रहे संघर्ष के बारे में जानकारी देते हुए संदीप सिंह गिल, मुकेश गुजराती व अन्य जानकारी देते हुए।
