डाबर चेयरमैन मोहित बर्मन द्वारा गांव शेरा थाना में पुनर्जीवित तालाब का किया लोकार्पण

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बद्दी, 5 अप्रैल (तारा) : देश एवं विदेश में आयुर्वेद की अग्रणी कंपनी डाबर इंडिया लिमिटेड ने अपने सामाजिक दायित्व का निर्वहन करते हुए अपने सीएसआर प्रोजेक्ट ‘डाबर जीवनधारा’ के तहत शेरा थाना गांव में वर्षों से उपेक्षित पड़े तालाब को पुनर्जीवित करने का बीड़ा उठाया और उसे सफलतापूर्वक पुनर्जीवित किया। डाबर कम्पनी द्वारा बद्दी हिमाचल प्रदेश में जल प्रबंधन के क्षेत्र में अपनी प्रतिबद्धता को निभाते हुए अब तक आधा दर्जन से अधिक तालाबों का पुनर्जीवन किया जा चुका है। सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दर्शाते हुए कंपनी ने अपनी सी एस आर नीति में पर्यावरण संरक्षण को सदैव सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।

वर्ष 2025 में नारंगपुर गांव के तालाब के उद्घाटन के अवसर पर, कंपनी ने गांववासियों से किए गए अपने वचन को पूरा करते हुए दिनांक 28 अप्रैल 2026 को ‘डाबर जीवनधारा’ परियोजना के अंतर्गत शेरा थाना गांव में पुनर्जीवित तालाब का लोकार्पण डाबर इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन मोहित बर्मन, मोहित मल्होत्रा (ग्लोबल सीईओ) एवं हरजीत सिंह (सीईओ, इंडिया बिजनेस) ने किया।
इस अवसर पर डाबर प्रबंधन समिति तथा गांव के गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही।
गांव शेरा थाना में पुनर्जीवित इस तालाब से लगभग 160 परिवारों को भू-जल स्तर में वृद्धि के माध्यम से प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा। साथ ही यह जल कृषि सिंचाई के लिए भी उपयोगी सिद्ध होगा, जिससे गांव और अधिक समृद्ध बनेगा। तालाब की गाद निकालने एवं विस्तार कार्य के पश्चात इसकी जल संग्रहण क्षमता बढ़कर लगभग 17 हजार किलोलीटर हो गई है।
पारंपरिक जल स्रोतों का पुनर्जीवन जल संरक्षण प्रणाली को आगामी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जल संकट से निपटने के लिए गांव स्तर पर ऐसे प्रयास अत्यंत प्रभावी सिद्ध होते हैं। इस अवसर पर डाबर इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन मोहित बर्मन ने कहा, “जल अमूल्य है। इसका संरक्षण एवं समुचित उपयोग ही भविष्य में आने वाले जल संकट से बचाव का एकमात्र उपाय है।”डाबर के संस्थापक डॉ. एस. के. बर्मन के सिद्धांत “वह जीवन ही क्या, जो दूसरों के काम न आए” को स्मरण करते हुए श्री बर्मन ने कहा कि डाबर ने बद्दी क्षेत्र में जल संरक्षण के क्षेत्र में अपनी भूमिका को और अधिक सुदृढ़ किया है। कंपनी की
सीएसआर नीति का प्रमुख उद्देश्य सामुदायिक जल स्रोतों का संरक्षण करना है, जो जल संरक्षण की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।
स्थानीय ग्रामीणों ने डाबर द्वारा किए गए इस सराहनीय कार्य के लिए आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में इस तालाब को संरक्षित रखने का संकल्प लिया।

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