तरनतारन / अमृतसर : करोड़ों की जमीन के मामले में एक व्यक्ति को किडनैप करने, उसकी अश्लील वीडियो बनाने और उससे 2 लाख रुपए लूटने के मामले में अमृतसर के थाना सिविल लाइन की पुलिस ने पूर्व कैबिनेट मंत्री विक्रम सिंह मजीठिया के नजदीकी साथी और शिरोमणि अकाली दल के आईटी विंग के प्रधान नछतर सिंह और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। इस केस में तरनतारन के थाना गोइंदवाल साहिब के एसएचओ इंस्पैक्टर प्रभजीत सिंह का नाम सामने आया है। थाना सिविल लाइन की पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है।
अदालत में पेश कर एक दिन का रिमांड हासिल किया है।दूसरे आरोपी जतिंदर सिंह का दो दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया। चाटीविंड थाने के अंतर्गत आते गांव झीता कला के रहने वाले गुरपाल सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि उसके खिलाफ 24 अप्रैल 2017 को मर्डर का केस दर्ज हुआ था और यह केस कोर्ट में पेंडिंग है। वह 29 अप्रैल को पेशी पर आया था। वहां पर प्रभु निवासी गुंमटाला, रणवीर सिंह निवासी गांव फलोंके गोइंदवाल साहिब, जितेंद्र सिंह निवासी गांव काजी कोर्ट तरनतारन और एक अन्य व्यक्ति कोर्ट के बाहर मौजूद थे।
उसे कहने लगे कि उसके साथ जरूरी बात करनी है इसलिए जल्दी से अपनी अगली पेशी की तारीख ले लो। पेशी के बाद जब वह वह कोर्ट रूम से बाहर आया और उनकी बातें सुनीं। फिर उन्होंने उसे बातों में उलझा लिया और कोर्ट से बाहर तहसील कॉम्प्लेक्स वाली सड़क पर ले गए। कुछ ही देर में आरोपियों ने उसे कार में किडनैप कर लिया। उसे जंडियाला गुरु के नजदीक गांव नागोंके में मकई के खेतों में ले गए और बंदूक की नोक पर कपड़े उतारने के लिए मजबूर किया। उसे नंगा कर उसकी वीडियो बनाई।
फिर वहां, आरोपियों ने वीडियो कॉल के जरिए उसकी हालत नछत्तर सिंह को दिखाई। गुरपाल ने आरोप लगाया कि नछत्तर ने उसके मोबाइल पर एक मैसेज भेजा, जिसमें उसे गोली मारकर काम खत्म करने के लिए कहा गया था। फिर आरोपियों ने उसकी जेब से 2 लाख निकाल लिए। फिर उन्होंने उसे जबरदस्ती कार में डाला, पीटा और गोइंदवाल पुलिस स्टेशन ले गए। पुलिस स्टेशन इंचार्ज इंस्पैक्टर प्रभजोत सिंह ने आरोपियों के साथ मिलीभगत करके कोरे कागज़ों पर उसके साइन ले लिए और फिर उसे गाड़ी में डालकर वापस ले आए और उसके गांव में उसे चलती गाड़ी से फेंक कर फरार हो गए। मामले में तूल पकड़ा।
बिक्रम मजीठिया के नजदीकी रह चुके और इस समय आम आदमी पार्टी के हल्का मजीठा के इंचार्ज तलबीर सिंह गिल द्वारा मामले को बड़े अधिकारियों और मुख्यमंत्री के ध्यान में लाया गया इसके बाद थाना सिविल लाइन में केस दर्ज किया गया। इस केस में अब इंस्पैक्टर की गिरफ्तारी हुई है। शिकायतकर्ता गुरपाल सिंह का कहना है कि अल्फा सिटी की बैक साइड पर उसके पास पांच किले जमीन है। इस जमीन का सौदा तेजिंदर सिंह और नछत्तर सिंह के साथ किया था। प्रति किला 2 करोड़ के हिसाब से सौदा किया था। उसे 30 लाख एडवांस दिए थे। इसके बाद जमीन खरीदने से इनकार कर दिया। अब उससे 30 लाख वापस मांग रहे हैं। इसी रंजिश के कारण इस वारदांत को अंजाम दिया गया है।
