चंडीगढ़ : रिश्वत मामले में निलंबित पंजाब पुलिस के डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर और परिवार की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। सीबीआई विशेष अदालत ने आदेश दिया है कि जांच पूरी होने तक भुल्लर के सभी 26 बैंक खाते फ्रीज रहेंगे।
सीबीआई के साथ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी जांच शुरू कर दी है। ईडी जल्द ही पंजाब के कुछ आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को पूछताछ के लिए नोटिस भेज सकती है।
जांच एजेंसी को कुछ नए और अहम सबूत मिले हैं, जिनके आधार पर कई आईएएस और आईपीएस अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। सीबीआई ने अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है।
रिमांड के दौरान भुल्लर ने जांच एजेंसी को बताया कि पंजाब के अफसर पटियाला के प्रॉपर्टी डीलर के जरिए प्रॉपर्टी में इन्वेस्टमेंट करते हैं। उन्होंने दस आईपीएस और चार आईएएस अधिकारियों के नाम बताए थे।
जांच में पता चला कि दस आईपीएस में से आठ अभी भी फील्ड में अहम पदों पर तैनात हैं। दो पंजाब पुलिस की एकेडमी में हैं। वहीं, चार आईएएस अधिकारियों का संबंध किसी न किसी तरह से मंडी गोबिंदगढ़ से है। सीबीआई ने प्रॉपर्टी डीलर के पटियाला और लुधियाना के ठिकानों पर रेड कर डॉक्यूमेंट्स जब्त किए थे।
सीबीआई कोर्ट में भुल्लर और बिचौलिए कृष्णु शारदा की पेशी के दौरान जांच एजेंसी ने एक प्रोग्रेस रिपोर्ट पेश की थी। इसमें बताया कि कृष्णु शारदा के मोबाइल फोन और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस खंगालने पर पता चला है कि वह कई अफसरों की करप्ट डीलिंग में शामिल था।
अफसरों के साथ मिलकर केसों की जांच प्रभावित करता था और ट्रांसफर-पोस्टिंग, आर्म्स लाइसेंस बनवाने से लेकर केस दर्ज करवाने या पहले से दर्ज एफआईआर खारिज करवाने तक का काम करता था।
