चंबा की बेटी का राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंच पर परचम, प्लास्टिक जैव-अपघटन शोध के लिए सम्मानित
गादियाडा गांव की आरती ठाकुर बनी युवा शोधार्थियों के लिए प्रेरणा, वैज्ञानिक शोध पर मिला बड़ा सम्मान
एएम नाथ। चंबा : जिला चंबा के गादियाडा गांव (पोस्ट ऑफिस ब्रेही) की प्रतिभाशाली बेटी सुश्री आरती ठाकुर ने अपनी उत्कृष्ट शैक्षणिक एवं शोध उपलब्धियों से न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे चंबा और हिमाचल प्रदेश का नाम रोशन किया है। वर्तमान में मोहल्ला शिवनगरी, पोस्ट ऑफिस मैहला निवासी आरती ठाकुर असम कृषि विश्वविद्यालय (AAU), जोरहाट के आणविक जीवविज्ञान एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग में पीएच.डी. शोधार्थी के रूप में अनुसंधान कार्य कर रही हैं।
हाल ही में उन्हें गौहाटी विश्वविद्यालय, असम में आयोजित 5वें बायोटिक साइंस कांग्रेस एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन-2026 में उनके उत्कृष्ट वैज्ञानिक शोध कार्य के लिए “सर्वश्रेष्ठ शोध प्रस्तुति पुरस्कार (Best Research Presentation Award)” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें गैलेरिया मेलोनेला (Greater Wax Moth) की पॉलीमर-पाचन क्षमता तथा उसके आंत-संबद्ध सूक्ष्मजीव समुदाय की प्लास्टिक जैव-अपघटन में संभावित भूमिका पर किए गए शोध के लिए प्रदान किया गया। उनका शोध प्लास्टिक प्रदूषण जैसी वैश्विक समस्या के समाधान हेतु सतत जैव-उपचार रणनीतियों के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।
आरती ठाकुर ने जैव प्रौद्योगिकी विषय में स्नातक शिक्षा डॉ. वाई.एस. परमार यूनिवर्सिटी ऑफ हॉर्टिकल्चर एंड फॉरेस्ट्री, हिमाचल प्रदेश से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) की प्रतिष्ठित जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF) परीक्षा उत्तीर्ण कर पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, लुधियाना से आणविक जीवविज्ञान एवं जैव प्रौद्योगिकी विषय में एम.एससी. की उपाधि हासिल की। उन्होंने आईसीएआर-सीनियर रिसर्च फेलोशिप (SRF) भी प्राप्त की और वर्तमान में असम कृषि विश्वविद्यालय में पीएच.डी. अनुसंधान कर रही हैं।
अपनी सफलता का श्रेय आरती ठाकुर ने अपने माता-पिता श्री सैन सिंह ठाकुर एवं श्रीमती इच्छिया देवी को दिया। उन्होंने कहा कि उनके निरंतर प्रोत्साहन, त्याग और आशीर्वाद ने उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। साथ ही उन्होंने अपने शोध-निर्देशक डॉ. बी.के. बोरा के मार्गदर्शन और सहयोग के प्रति भी आभार व्यक्त किया।
आरती ठाकुर की यह उपलब्धि जिला चंबा और समूचे हिमाचल प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। उनकी सफलता ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों, विशेषकर छात्राओं और युवा शोधार्थियों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत करती है।
