मोहाली : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने दावा किया है कि उनकी सरकार के कार्यकाल में भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त बनाया गया है। सोमवार को विभिन्न विभागों में चयनित 355 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में सरकार बनने के बाद राज्य में पेपर लीक की एक भी घटना सामने नहीं आई, जबकि 2017 से देशभर में 93 परीक्षाओं के पेपर लीक होने के मामले दर्ज किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार योग्यता के आधार पर नौकरियां देने के सिद्धांत पर काम कर रही है और अब तक 67,037 युवाओं को सरकारी रोजगार प्रदान किया जा चुका है।
अपनी सरकार की भर्ती प्रक्रिया और देश के अन्य हिस्सों की स्थिति की तुलना करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि हमारी केंद्र सरकार नीट परीक्षा ठीक से आयोजित नहीं कर सकी। 2017 से देश भर में लगभग 93 परीक्षाओं के प्रश्न पत्र लीक हो चुके हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि 2022 में उनकी सरकार के सत्ता में आने के बाद से पंजाब में ऐसी एक भी घटना नहीं हुई है। राज्य में एक ईमानदार सरकार काम कर रही है, इसलिए योग्य छात्रों को अवसर मिल रहे हैं।
65,000 से अधिक कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को रेगुलर करने का संकेत देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस बदलाव को आसान बनाने के लिए दो नए कानून लाए जा रहे हैं। पहला कानून आउटसोर्स रोजगार से सीधे राज्य कॉन्ट्रैक्ट रोजगार में बदलाव को नियंत्रित करेगा। दूसरा कानून सीधे राज्य कॉन्ट्रैक्ट रोजगार से मंजूर खाली पदों पर रेगुलर सेवा में जाने का रास्ता तैयार करेगा।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि विपक्षी दलों को पंजाब के विकास के बजाय केवल सत्ता और अपने निजी हितों में दिलचस्पी थी। रूपनगर ज़िले के बड़वा गाँव में एक ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब के लोगों ने 2022 में सात पूर्व मुख्यमंत्रियों और उनके परिवारों को सत्ता से बाहर कर दिया। उन्होंने उन लोगों को नकार दिया जिन्होंने सत्ता को निजी फ़ायदे का जरिया माना था और राज्य की बागडोर एक ईमानदार सरकार को सौंपी।” अब रद्द किए जा चुके कृषि कानूनों को लेकर बीजेपी पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि आंदोलन के दौरान 700 से ज़्यादा किसानों की जान चली गई।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार ने जन-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाया है। टैक्स देने वालों से इकट्ठा किया गया हर रुपया अब सत्ता में बैठे लोगों की ऐशो-आराम की चीज़ों के बजाय जन-कल्याण पर खर्च किया जा रहा है। पंजाब ने इस साल बेहतर वितरण प्रणाली के ज़रिए उपलब्ध नहर के पानी का 96% इस्तेमाल किया। सरकार ने पूरे राज्य में 14,000 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन और जल-मार्ग बिछाए हैं और उनके ज़रिए लगभग 21,000 क्यूसेक पानी छोड़ा है।
राजस्व मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने सोमवार को 33 पटवारियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। अपने संबोधन में मंत्री ने नए नियुक्त कर्मचारियों से कहा कि वे पूरी निष्ठा के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करें और साथ ही लोगों की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शिक्षा विभाग की एक सालों पुरानी पॉलिसी को शिक्षा विभाग को तुरंत बदलने का निर्देश दिया है। अब पंजाब स्टेट स्कूल एजुकेशन बोर्ड (PSEB) की परीक्षाओं में यदि दो या दो से अधिक छात्रों के एक समान (बराबर) नंबर आते हैं, तो उन्हें उम्र के आधार पर छोटा-बड़ा मानकर अलग-अलग रैंक देने की बजाय संयुक्त रूप से पहला स्थान दिया जाएगा। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने यह फैसला राज्य सरकार के सितारे जमीन पे कार्यक्रम के दौरान अमृतसर की एक छात्रा द्वारा उठाए गए सवाल के बाद लिया। इस कार्यक्रम में पंजाब बोर्ड की 8वीं, 10वीं और 12वीं कक्षा के टॉपर्स को सम्मानित किया जा रहा था।
