चम्बा में 10वीं राज्य स्तरीय मेगा आपदा मॉक ड्रिल आयोजित …भूकंप, भूस्खलन, बादल फटने व सड़क दुर्घटना जैसी आपदाओं से निपटने की तैयारियों का हुआ व्यापक परीक्षण

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एएम नाथ। चंबा : हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के संयुक्त तत्वावधान में आज जिला चंबा में 10वीं राज्य स्तरीय मेगा आपदा मॉक ड्रिल का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस अभ्यास का उद्देश्य भूकंप, भूस्खलन, बादल फटने तथा सड़क दुर्घटना जैसी संभावित आपदाओं के दौरान विभिन्न विभागों एवं आपदा प्रतिक्रिया एजेंसियों की तत्परता, समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का परीक्षण एवं मूल्यांकन करना था।
मॉक ड्रिल के अंतर्गत प्रातः 9 बजे रिक्टर पैमाने पर 8.0 तीव्रता के भूकंप की काल्पनिक स्थिति तैयार की गई। इसके परिणामस्वरूप जिले के विभिन्न क्षेत्रों में भवनों के क्षतिग्रस्त होने, भूस्खलन, बादल फटने तथा बस दुर्घटना जैसी आपात परिस्थितियों के परिदृश्य निर्मित किए गए। तत्पश्चात जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र को सक्रिय करते हुए सभी संबंधित विभागों एवं एजेंसियों द्वारा राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ किए गए।
अभ्यास के दौरान जिला विकास कार्यालय चंबा, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय मैहला, चंबा-जोत मार्ग पर मंगला के समीप भूस्खलन स्थल, चंबा-तीसा मार्ग पर गत्ति घार के निकट भूस्खलन एवं बस दुर्घटना स्थल, बैरागढ़, सलूणी बाजार तथा पांगी क्षेत्र सहित विभिन्न स्थानों पर आपदा प्रबंधन संबंधी गतिविधियों का सफल संचालन किया गया।
मॉक ड्रिल में पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन सेवा, होमगार्ड, राजस्व विभाग, लोक निर्माण विभाग, हिमाचल पथ परिवहन निगम, स्वयंसेवी संगठनों तथा अन्य सहयोगी एजेंसियों ने सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की। विभिन्न स्थलों पर कुल 23 मृतकों, 46 घायलों तथा 130 से अधिक लोगों के सुरक्षित बचाव का काल्पनिक परिदृश्य तैयार कर राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया गया।
आपातकालीन परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पंडित जवाहरलाल नेहरू राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल, चंबा में अस्पताल की क्षमता 50 बिस्तरों से बढ़ाकर 100 बिस्तरों तक विस्तारित की गई। घायलों को प्राथमिक उपचार सहित आवश्यक चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं तथा खोज एवं बचाव अभियान का सफल संचालन किया गया।
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के इंसिडेंट कमांडर ने कहा कि इस प्रकार की मॉक ड्रिल आपदा की स्थिति में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा उपलब्ध संसाधनों एवं प्रतिक्रिया तंत्र की प्रभावशीलता का परीक्षण करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने अभ्यास में भाग लेने वाले सभी विभागों, सुरक्षा बलों, स्वयंसेवकों एवं सहयोगी संस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि भविष्य में भी ऐसे अभ्यासों के माध्यम से जिला आपदा प्रबंधन तंत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाएगा।
मॉक ड्रिल का समापन विस्तृत समीक्षा एवं डी-ब्रीफिंग सत्र के साथ हुआ, जिसमें विभिन्न विभागों एवं एजेंसियों ने अपने अनुभव साझा किए तथा आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव भी दिये।

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