चंडीगढ़ : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मोहाली में 2,800 नए डिपो धारकों को लाइसेंस सौंपे. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक लाइसेंस नहीं, बल्कि जनता की सेवा करने का दायित्व है. उन्होंने नए डिपो धारकों से जरूरतमंदों, बुजुर्गों, दिव्यांगों और गरीब परिवारों के साथ ईमानदारी और सम्मानपूर्वक व्यवहार करने की अपील की।
सीएम मांन ने कहा कि सरकार द्वारा लिया गया प्रत्येक निर्णय जनता के कल्याण को ध्यान में रखकर लिया जाता है और जनता से एकत्र किया गया कर सार्वजनिक सुविधाओं पर ही खर्च किया जा रहा है।
लूटने वाले खुद को रक्षक कहते हैं-इसी बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन्होंने पंजाब को दोनों हाथों से लूटा, वे खुद को राज्य का रक्षक कहते रहे. उन्होंने कहा कि जो लोग कभी उनकी प्रशंसा करते थे, वे अब उनकी आलोचना कर रहे हैं क्योंकि उन्होंने पुरानी राजनीतिक परंपराओं को तोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि जब तक उन्हें जनता का समर्थन प्राप्त है, वे किसी से नहीं डरेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब में हुए विकास कार्यों की चर्चा अब विदेशों में भी हो रही है।
शिक्षा और सिंचाई क्षेत्रों में सुधार : मुख्यमंत्री मान ने अपनी सरकार की उपलब्धियों के बारे में बात करते हुए कहा कि चार वर्षों के भीतर पंजाब शिक्षा क्षेत्र में केरल को पीछे छोड़कर नंबर एक राज्य बन गया है. उन्होंने कहा कि पंजाब में नहर के 80 प्रतिशत से अधिक पानी का उपयोग सिंचाई के लिए किया जा रहा है. जलस्तर में सुधार हुआ है और कई क्षेत्रों में भूजल स्तर लगभग 4 मीटर तक बढ़ गया है।
धार्मिक मुद्दों पर राजनीति करने का आरोप : विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए भगवंत मान ने कहा कि वे राजनीतिक रूप से प्रतिस्पर्धा करने में असमर्थ हैं और अब धर्म का इस्तेमाल करके उनकी छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि बहिष्कार के पोस्टर लगाने वालों को पहले उनके घर जाकर मातृ-पुत्री सम्मान योजना का फॉर्म भरना चाहिए था।
