मणिमहेश यात्रा से पहले एनएच-154ए की तैयारियों का जायजा, उपायुक्त ने दिए सुरक्षा के निर्दे
60 संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी, मार्ग सुचारु रखने को मशीनें तैनात
श्रद्धालुओं की सुरक्षित यात्रा के लिए एनएचएआई युद्धस्तर पर कर रहा सड़क मरम्मत कार्य
एएम नाथ। चम्बा, 17 जुलाई।
आगामी श्री मणिमहेश यात्रा को सुरक्षित, सुगम और सफल बनाने के उद्देश्य से उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल ने गुरुवार को राष्ट्रीय राजमार्ग-154ए का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने धरवाला, बत्ती की हट्टी, दुर्गेठी सहित विभिन्न स्थानों का दौरा कर पिछले वर्ष प्राकृतिक आपदा से क्षतिग्रस्त सड़क मार्गों पर चल रहे मरम्मत कार्यों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों को यात्रा शुरू होने से पहले सभी आवश्यक कार्य निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश दिए।
उपायुक्त ने कहा कि जिन स्थानों पर चट्टानों और पत्थरों के गिरने की आशंका है, वहां समय रहते सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं तथा ढीले पत्थरों को हटाया जाए, ताकि यात्रियों और स्थानीय लोगों की आवाजाही निर्बाध बनी रहे। उन्होंने सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर बल दिया।
इस दौरान एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर राहुल ने बताया कि चम्बा से भरमौर तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर 60 अतिसंवेदनशील स्थलों की पहचान की गई है। इन स्थानों पर सड़क को सुचारु रखने के लिए 12 से 13 मशीनें तैनात की गई हैं। इसके अलावा प्रत्येक पांच किलोमीटर की दूरी पर एक मशीन उपलब्ध रहेगी, ताकि मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में तत्काल बहाली सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने बताया कि बत्ती की हट्टी, चूड़ी और अन्य अति संवेदनशील क्षेत्रों में चौबीसों घंटे दो-दो मशीनें तैनात रहेंगी। साथ ही दो फ्लैगमैन भी नियुक्त किए जाएंगे, जो भूस्खलन या पत्थर गिरने की स्थिति में यात्रियों और वाहन चालकों को समय पर सतर्क करेंगे। संवेदनशील स्थानों पर बैरिकेडिंग का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है। एनएचएआई का लक्ष्य यात्रा शुरू होने से पहले सभी मरम्मत और सुरक्षा संबंधी कार्य पूरा कर श्रद्धालुओं तथा स्थानीय निवासियों को सुरक्षित और सुगम यातायात सुविधा उपलब्ध कराना है। निरीक्षण के दौरान उप प्रबंधक एनएचएआई यशवंत ध्याल, साइट इंजीनियर साहिल और परीक्षित भी मौजूद रहे।
