मिंजर मेला और मणिमहेश यात्रा से पहले चम्बा में नशे के खिलाफ सख्ती, उपायुक्त ने दिए कड़े निर्देश
नशा तस्करी रोकने को बसों में लगेंगे कैमरे, स्कूलों के आसपास से हटेंगे भांग के पौधे
एएम नाथ। चम्बा :
उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल की अध्यक्षता में सोमवार को राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष में जिला स्तरीय नार्को समन्वय समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिले में नशीले पदार्थों की रोकथाम, तस्करी पर प्रभावी अंकुश तथा विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने आगामी मिंजर मेला और श्री मणिमहेश यात्रा को देखते हुए पुलिस विभाग को नशा तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए निगरानी और चौकसी बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले में बाहर से आने वाले लोगों को ठहराने वाले सभी होटल, होम-स्टे, गेस्ट हाउस और अन्य आवासीय प्रतिष्ठानों में ठहरने वाले प्रत्येक व्यक्ति का अनिवार्य रूप से पंजीकरण किया जाए, ताकि उनकी पहचान सत्यापित हो सके और किसी भी अवैध गतिविधि पर प्रभावी निगरानी रखी जा सके।
उन्होंने सभी विद्यालयों और सरकारी कार्यालयों के आसपास उग रहे भांग के पौधों को शीघ्र हटाने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए। साथ ही हिमाचल पथ परिवहन निगम के अधिकारियों को संवेदनशील रूटों पर चलने वाली बसों में कैमरे लगाने के निर्देश भी दिए, ताकि नशे की तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि नशे के कारोबार से जुड़े लोगों के प्रति किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
बैठक में पुलिस अधीक्षक विजय सिंह सकलानी ने बताया कि जिले में अब तक एनडीपीएस अधिनियम के तहत 55 मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने 16.892 किलोग्राम चरस, 2.169 किलोग्राम पॉपी प्लांट, 507.61 ग्राम चिट्टा, 216.9 ग्राम सोना, 479 ग्राम चांदी, दो आईफोन और 64,640 रुपये नकद बरामद किए हैं। इन मामलों में 78 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि एनडीपीएस मामलों में संलिप्त पांच सरकारी कर्मचारियों के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की गई है, जबकि सभी मामलों की जांच और न्यायिक प्रक्रिया जारी है।
