प्राथमिक शिक्षकों को बड़ी राहत के संकेत, कॉम्प्लेक्स प्रणाली की होगी समीक्षा
एफआईआर और जांच वापसी का ऐलान
चौड़ा मैदान में गरजे मुख्यमंत्री सुक्खू, जेबीटी को टीजीटी पदोन्नति और स्कूलों में खेल गतिविधियां बहाल करने की घोषणा
एएम नाथ। शिमला : शिमला में प्राथमिक शिक्षक संघ की आम सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने शिक्षकों के हितों को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि वह स्वयं एक कर्मचारी के बेटे हैं, इसलिए शिक्षकों की भावनाओं, समस्याओं और अपेक्षाओं को अच्छी तरह समझते हैं। स्कूली शिक्षा में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे नवाचारों को सफल बनाने में शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण और अविस्मरणीय है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने सत्ता संभालने के बाद अपनी पहली मंत्रिमंडल बैठक में 1.36 लाख कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल की, जिससे सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित हुई। उन्होंने कहा कि आर्थिक और अन्य चुनौतियों के बावजूद सरकार ने कर्मचारियों एवं शिक्षकों के हितों से कभी समझौता नहीं किया।
उन्होंने कहा कि शिक्षक दिवस से पहले नई कॉम्प्लेक्स प्रणाली को लेकर सरकार उचित निर्णय लेगी। इस व्यवस्था की सहानुभूतिपूर्वक समीक्षा की जाएगी और यदि इसमें सुधार की आवश्यकता महसूस हुई तो बदलाव किया जाएगा या इसे वापस लेने पर भी विचार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने प्राथमिक शिक्षकों को राहत देते हुए कहा कि उनके विरुद्ध की गई निलंबन की कार्रवाइयों, विभागीय जांचों और दर्ज एफआईआर को वापस लिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्य अध्यापकों, केंद्र मुख्य अध्यापकों और खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारियों के अधिकारों एवं शक्तियों में कोई कटौती नहीं की जाएगी।
उन्होंने प्राथमिक विद्यालयों में खेल गतिविधियों को दोबारा शुरू करने की घोषणा की। साथ ही जेबीटी शिक्षकों को टीजीटी पदों पर पदोन्नति देने की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में शिक्षकों की भूमिका सबसे अहम है और सरकार उनके सहयोग से प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को आगे बढ़ाने के लिए लगातार कार्य कर रही है।
