चंडीगढ़ : संसद परिसर में सोमवार को पंजाब कांग्रेस के सांसदों ने राज्य में फार्मेसी परीक्षा के बीच पैदा हुए विवाद व सफाई कर्मियों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में प्रदर्शन किया।
इस प्रदर्शन में कांग्रेस सांसद व पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने सरकार को घेरने का प्रयास किया। हालांकि, सीएम भगवंत मान इस पूरे मामले पर पहले ही इसे पेपर लीक की घटना मानने से इनकार कर चुके हैं।
इस प्रदर्शन में पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, गुरजीत सिंह औजला, डॉ. अमर सिंह और शेर सिंह घुबाया शामिल हुए। कांग्रेस सांसदों ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी की सरकार के चार वर्षों के कार्यकाल में छह बड़े पेपर लीक हो चुके हैं, जिससे करीब पांच लाख युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है।
उन्होंने कहा कि मेहनत करके प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के साथ अन्याय हुआ है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। सांसदों ने कहा कि पंजाब के लाखों बच्चों और युवाओं को न्याय मिलना चाहिए।
हितों की रक्ष में विफल सरकार : प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस सांसदों ने हाल ही में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे सफाई कर्मचारियों पर हुए कथित लाठीचार्ज का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना था कि अपनी जायज मांगों के लिए आवाज उठाने वाले कर्मचारियों के साथ यह रवैया लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। कांग्रेस नेताओं ने राज्य के युवाओं और कर्मचारियों के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया।
मान घटना को बता चुके हाईटेक नकल : हालांकि, मुख्यमंत्री भगवंत मान इस पूरे मामले पर पहले ही अपना पक्ष स्पष्ट कर चुके हैं। मुख्यमंत्री का कहना है कि संबंधित भर्ती परीक्षा में पेपर लीक नहीं हुआ था, बल्कि हाईटेक नकल करवाई जा रही थी, जिसका खुलासा पंजाब सरकार ने किया।
उन्होंने कहा कि सरकार ने स्वयं कार्रवाई करते हुए नकल के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया और मामले में आरोपितों के खिलाफ सख्त कदम उठाए। मुख्यमंत्री ने यह भी दोहराया है कि उनकी सरकार की पेपर लीक, नकल और भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति है तथा किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
