नई दिल्ली: दिल्ली के पूर्व सीएम और आम आदमी पार्टी के चीफ अरविंद केजरीवाल ने आज केंद्र सरकार की E-20 पॉलिसी के खिलाफ राजधानी में एक कार्यक्रम किया। इसमें उन्होंने सरकार से 3 मांग कीं।केजरीवाल ने मंच से कहा कि उनकी देश के लोगों की तरफ से सरकार से 3 मांगें हैं।
केजरीवाल ने रखीं ये 3 मांगें : पेट्रोल पंप पर E20 और प्योर पेट्रोल का ऑप्शन होना चाहिए, प्योर पेट्रोल से E20 सस्ता होना चाहिए, पेट्रोल का दाम 84 रुपए/लीटर से कम होना चाहिए।
केजरीवाल ने शेयर किया था Video : केजरीवाल ने पेट्रोल का दाम 84 रुपये प्रति लीटर से भी कम किए जाने के पीछे तर्क भी दिया। केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने कहा कि उन्होंने कैलकुलेट किया है कि जबरदस्ती तेल कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए पेट्रोल महंगा कर रखा है। पेट्रोल का दाम 84 रुपये से भी कम होना चाहिए। केजरीवाल ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से इन मांगों का वीडियो भी शेयर किया है। इसके बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के IT सेल हेड अमित मालवीय ने केजरीवाल को एक चैलेंज दिया है। मालवीय ने कहा है कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार है। इसलिए केजरीवाल को सबसे पहले वहां पेट्रोल का दाम कम करके दिखाना चाहिए।
पंजाब से करनी चाहिए शुरुआत : अमित मालवीय ने आगे कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल (Crude Oil Price) की कीमतों की परवाह किए बिना अरविंद केजरीवाल चाहते हैं कि पेट्रोल का दाम 84 रुपये लीटर या उससे भी कम होना चाहिए। अगर वो सच में ऐसा चाहते हैं तो उन्हें इसकी शुरुआत पंजाब से ही करना चाहिए। वहां उनकी पार्टी सत्ता में है।
पंजाब में पेट्रोल के रेट बताए : भाजपा नेता मालवीय कि पंजाब के अंदर रिटेल में पेट्रोल 105.24 रुपये प्रति लीटर बेचा जा रहा है। कीमतों में बढ़ोतरी उनके पाखंड को उजागर कर रही है। डीलर्स को जो बेस प्राइज चार्ज किया जाता है, वह 81 रुपये 77 पैसे प्रति लीटर है। इस पर 4 रुपये 48 पैसे डीलर्स का कमीशन होता है। पंजाब सरकार (Punjab Government) के पास इसमें वैल्यू एडेड टैक्स (VAT) नियंत्रित करने का अधिकार है। पंजाब सरकार प्रति लीटर इसमें 18 रुपये 99 पैसे का VAT (राज्य सरकार द्वारा लगने वाला टैक्स) लगाती है।
केंद्र से अनुमति की जरूरत नहीं : अमित मालवीय ने AAP प्रमुख को चैलेंज करते हुए कहा कि अगर केजरीवाल पंजाब में पेट्रोल से VAT हटवा दें तो पेट्रोल की कीमत आराम से 86 रुपये 25 पैसे प्रति लीटर हो सकती है। ऐसा तब है, जब पंजाब सरकार को डीलर के मार्जिन से भी छेड़छाड़ करने की जरूरत नहीं होगी। इसके लिए उन्हें केंद्र सरकार की अनुमति लेने की जरूरत भी नहीं है। तो फिर केजरीवाल ऐसा क्यों नहीं कर रहे हैं? दूसरों को उपदेश देने की जगह केजरीवाल को पंजाब से ही अपने फॉर्मूले की शुरुआत करनी चाहिए। ऐसे होने तक उनकी 84 रुपए पेट्रोल वाला वादा सिर्फ एक राजनीतिक दिखावा मात्र है।
