एएम नाथ। हमीरपुर, 19 अगस्त : हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में मंगलवार रात और बुधवार सुबह हुई भारी बारिश से कई क्षेत्रों में भूस्खलन और पेड़ गिरने के कारण सड़कें अवरुद्ध हो गईं। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने तत्परता दिखाते हुए मशीनरी और श्रमिकों की मदद से अधिकांश अवरुद्ध सड़कों को कुछ ही घंटों में यातायात के लिए बहाल कर दिया।
भारी बारिश के कारण सुजानपुर-संधोल, बदारन-जोल गाहलियां, कसीरी महादेव-डूहक-छतरूड़ू, टौणी देवी-उहल, उहल-जंदड़ू, लघवाण-टौणी देवी, टियालू-लोहारडा, पंजोत-ललयार और बणी-मटकर समेत कई सड़कें प्रभावित हुईं। सड़कों पर मलबा और पेड़ गिरने की सूचना मिलते ही PWD ने मौके पर मशीनरी और लेबर भेजकर यातायात बहाल करने का काम शुरू कर दिया।
मान खड्ड का जलस्तर बढ़ने से सड़क प्रभावित
नादौन उपमंडल में मान खड्ड का जलस्तर बढ़ने के कारण नादौन-गौना-धनेटा सड़क भी कुछ समय के लिए अवरुद्ध रही। वहीं, ग्राम पंचायत कश्मीर में कुछ घरों में मलबा आने की सूचना के बाद एसडीएम निशांत शर्मा और बचाव दल बुधवार सुबह मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
24 घंटे में 15 लाख से अधिक का नुकसान
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) के जिला इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (DEOC) में बुधवार दोपहर तक प्राप्त प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटों में जिले में 15 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है।
इस दौरान एक पक्के मकान, चार कच्चे मकानों और एक गौशाला को नुकसान पहुंचा है। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
मानसून में अब तक 29.22 करोड़ से अधिक का नुकसान
30 जून के बाद शुरू हुए मौजूदा मानसून सीजन में हमीरपुर जिले में सरकारी और निजी संपत्ति को हुए नुकसान का आंकड़ा 29.22 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गया है।
विभागवार नुकसान की स्थिति इस प्रकार है:
- लोक निर्माण विभाग: 24.13 करोड़ रुपये
- जल शक्ति विभाग: 4.53 करोड़ रुपये
- बिजली बोर्ड: 39.48 लाख रुपये
- शिक्षा विभाग: 10 हजार रुपये
- 3 कच्चे मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त: करीब 7.50 लाख रुपये
- 9 कच्चे और 3 पक्के मकान आंशिक क्षतिग्रस्त: करीब 4.50 लाख रुपये
- 13 गौशालाएं क्षतिग्रस्त: करीब 2.70 लाख रुपये
सभी विभागों को अलर्ट रहने के निर्देश
उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की अध्यक्ष गंधर्वा राठौड़ ने कहा कि बरसात के मौसम को देखते हुए सभी विभागों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। फील्ड अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में हुए नुकसान की रिपोर्ट तुरंत भेजने को कहा गया है, ताकि राहत एवं बचाव कार्य जल्द शुरू किए जा सकें।
नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहें
उपायुक्त ने लोगों से आने वाले दिनों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लोग नदी-नालों के पास न जाएं और भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें।
उन्होंने खराब मौसम में अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने, पेड़ों के नीचे आश्रय न लेने और बिजली की तारों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी। ब्यास नदी के किनारे रहने वाले लोगों को भी नदी के पास न जाने की अपील की गई है।
आपात स्थिति में 1077 पर करें संपर्क
प्रशासन ने आपातकालीन स्थिति में जिला इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (DEOC) के टोल फ्री नंबर 1077 पर संपर्क करने की अपील की है। इसके अलावा 01972-221277, 01972-221377, 01972-221477 और 01972-221877 पर भी संपर्क किया जा सकता है।
