विजिलेंस मुख्यालय में हिमकेयर क्लेम से जुड़े सवालों के दिए जवाब, अस्पताल से रिकॉर्ड का सत्यापन करें
एएम नाथ। शिमला : हिमाचल प्रदेश में हिमकेयर योजना में कथित गड़बड़ी को लेकर विजिलेंस जांच के घेरे में आए भरमौर से भाजपा विधायक डॉ. जनक राज से वीरवार को शिमला स्थित विजिलेंस मुख्यालय में करीब तीन घंटे तक पूछताछ हुई। डॉ. जनक राज सुबह करीब 11:30 बजे विजिलेंस मुख्यालय पहुंचे और पूछताछ पूरी होने के बाद बाहर आकर मीडिया से बातचीत की।
उन्होंने अपने कार्यकाल में आईजीएमसी में हिमकेयर योजना के तहत हुए उपचार और क्लेम से जुड़े सवालों के जवाब देने की बात कही। साथ ही उन्होंने पूरे मामले की जांच विजिलेंस से कराने के बजाय हाईकोर्ट के सिटिंग जज से करवाने की मांग उठाकर सरकार पर राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप लगाया।
डॉ. जनक राज ने बताया कि विजिलेंस अधिकारियों ने उनसे उस अवधि से जुड़े सवाल पूछे, जब वह आईजीएमसी में मेडिकल सुपरिटेंडेंट के पद पर कार्यरत थे। उन्होंने कहा कि पूछताछ के दौरान अधिकारियों ने हिमकेयर योजना के तहत आईजीएमसी में हुए मामलों को लेकर जानकारी मांगी और उन्होंने अपने स्तर पर उपलब्ध सभी सवालों के जवाब दिए। उनका कहना था कि संबंधित रिकॉर्ड आईजीएमसी में मौजूद है और जांच एजेंसी अस्पताल से रिकॉर्ड का सत्यापन कर सकती है।
————-///////—
उपचार उपलब्ध करवाना थी जिम्मेदारी
उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान आईजीएमसी में हिमकेयर योजना के तहत करीब 95 करोड़ रुपये के क्लेम रेज हुए और करीब 47 हजार लोगों का हिमकेयर कार्ड के माध्यम से उपचार किया गया। डॉ. जनक राज के मुताबिक अस्पताल में हिमकेयर कार्डधारकों को सरकार की ओर से निर्धारित नियम के अनुसार उपचार उपलब्ध करवाना उनकी जिम्मेदारी थी।
———————
‘राजनीति नहीं, रिकॉर्ड से सामने आए सच्चाई’
डॉ. जनक राज ने कहा कि हिमकेयर गरीब और जरूरतमंद लोगों के उपचार के लिए बनाई गई जनकल्याणकारी योजना है। उनके अनुसार योजना के तहत किसी व्यक्ति को उसके राजनीतिक दल, क्षेत्र या विधानसभा क्षेत्र के आधार पर लाभ नहीं दिया गया। उन्होंने दावा किया कि हिमकेयर योजना से प्रदेश के लाखों लोगों को उपचार की सुविधा मिली है। उन्होंने कहा कि इस मामले में अफवाहों और राजनीतिक बयानों के बजाय रिकॉर्ड के आधार पर सच्चाई सामने आनी चाहिए।
————====
पुरुषों की बच्चेदानी के ऑपरेशन, यह कार्यप्रणाली पर सवाल
उन्होंने विशेष रूप से पुरुषों की बच्चेदानी के ऑपरेशन से जुड़े कथित बयानों पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस तरह की बातें आईजीएमसी में काम करने वाले डॉक्टरों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करती हैं।
—————-
‘विजिलेंस ने क्या पूछा, जनता को बताऊंगा’
डॉ. जनक राज ने कहा कि विजिलेंस पूछताछ के दौरान उनसे पूछे गए सवालों को वह सार्वजनिक करने की तैयारी में हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल की जनता को यह जानने का अधिकार है कि हिमकेयर योजना के मामले में उनसे आखिर क्या-क्या सवाल पूछे जा रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि हिमकेयर योजना के तहत हुए खर्च का पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध है। उनके अनुसार योजना के तहत हुए लेन-देन और खरीद प्रक्रिया नियमों के अनुसार हुई है। उन्होंने कहा कि विजिलेंस अधिकारियों को भी उन्होंने स्पष्ट किया है कि जिन सवालों के जवाब उनके पास हैं, वे दे चुके हैं और जिन तथ्यों की पुष्टि दस्तावेजों से होनी है, उन्हें आईजीएमसी के रिकॉर्ड से वेरिफाई किया जा सकता है।
