चंडीगढ़ : पंजाब कांग्रेस ने आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर अपना जन घोषणापत्र तैयार करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। सांसद डॉ. अमर सिंह ने कहा कि कांग्रेस ऐसा घोषणापत्र तैयार करेगी, जिसमें समाज के हर वर्ग की राय शामिल होगी और जिसे लेकर जनता के बीच भरोसा पैदा हो।
इसके साथ ही, उन्होंने दावा किया कि पंजाब में अगली सरकार कांग्रेस की ही बनेगी। डॉ. अमर सिंह ने बताया कि घोषणापत्र समिति की बैठक हाल ही में ऑनलाइन माध्यम से हुई। पंजाब बंद होने के कारण बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित की गई। बैठक में उनके अलावा अमृतसर से सांसद गुरजीत सिंह औजला, जालंधर से विधायक एवं पूर्व मंत्री परगट सिंह और पूर्व विधायक हरदयाल सिंह कंबोज शामिल हुए। समिति के सदस्य सुखजिंदर सिंह रंधावा विदेश में होने के कारण बैठक में शामिल नहीं हो सके।
घोषणापत्र तैयार करने पर हुई चर्चा
उन्होंने कहा कि बैठक में घोषणापत्र तैयार करने की आगे की रणनीति पर चर्चा हुई। कांग्रेस का प्रयास रहेगा कि घोषणापत्र केवल पार्टी का दस्तावेज न होकर पंजाब के आम लोगों की अपेक्षाओं और सुझावों का प्रतिबिंब बने। इसके लिए किसान, मजदूर, कर्मचारी, सेवानिवृत्त कर्मचारी, सेना से जुड़े लोग, उद्योग जगत, विद्यार्थी, शिक्षक, शिक्षाविद, सामाजिक संस्थाएं और अर्थशास्त्रियों समेत विभिन्न वर्गों से बातचीत की जाएगी। अमर सिंह ने कहा कि पार्टी पहले बड़े शहरों और प्रमुख क्षेत्रों में जाकर लोगों से संवाद करेगी और इसके बाद व्यापक स्तर पर सुझाव जुटाए जाएंगे। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से भी राय ली जाएगी। घोषणापत्र को ऐसा क्रेडिबल डॉक्यूमेंट बनाया जाएगा, जिसमें किए गए वादे व्यावहारिक और पूरे किए जा सकने वाले हों, ताकि लोगों को विश्वास हो कि कांग्रेस जो कह रही है, उसे लागू भी किया जा सकता है।
अकाली-बीजेपी गठबंधन से नहीं पड़ेगा फर्क
शिरोमणि अकाली दल और बीजेपी के बीच संभावित गठबंधन को लेकर पूछे गए सवाल पर अमर सिंह ने कहा कि दोनों दल पहले भी गठबंधन में रह चुके हैं और कांग्रेस को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। 2017 के विधानसभा चुनाव और 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी दोनों दल साथ थे, लेकिन कांग्रेस ने उन्हें चुनाव में चुनौती दी और कई जगह उनके उम्मीदवारों को हराया। यदि अकाली दल और भाजपा फिर साथ आते हैं तो उन्हें जनता के सवालों का जवाब देना होगा। खासकर किसान आंदोलन के दौरान किसानों की मौत और एमएसपी जैसे मुद्दों पर दोनों दलों के रुख को लेकर जनता सवाल करेगी।
