गढ़शंकर। सैला पेपर मिल और महिदवाणी साबुन फैक्टरी से कथित तौर पर फैलाए जा रहे औद्योगिक प्रदूषण के मामले में पंजाब मानवाधिकार आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। औद्योगिक प्रदूषण के कारण आम लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहे कथित प्रतिकूल प्रभाव को लेकर एडवोकेट मनप्रीत सिंह द्वारा दायर शिकायत पर सुनवाई करते हुए आयोग ने मामले का गंभीर संज्ञान लिया है।
एडवोकेट मनप्रीत सिंह ने बताया कि आयोग ने पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन को मामले की जांच करवाकर अगली सुनवाई से पहले रिपोर्ट पेश करने के आदेश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि आयोग के इस कदम से संबंधित औद्योगिक इकाइयों से कथित प्रदूषण को लेकर स्थानीय स्तर पर उठाए जा रहे सवालों को गंभीरता मिली है।
एडवोकेट मनप्रीत सिंह ने कहा कि उन्होंने अपनी शिकायत में दोनों औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले कथित प्रदूषण के कारण आसपास रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य और जीवन पर पड़ रहे संभावित प्रभाव का मुद्दा उठाया है। उन्होंने आयोग से मामले की निष्पक्ष जांच करवाने और नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की थी।
उन्होंने बताया कि अब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जांच रिपोर्ट पर सभी की नजरें टिकी हैं। आयोग के निर्देशों के अनुसार बोर्ड को मामले की जांच कर अगली सुनवाई से पहले अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। रिपोर्ट के आधार पर आयोग द्वारा मामले में आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
एडवोकेट मनप्रीत सिंह ने कहा कि मानवाधिकार आयोग द्वारा मामले का संज्ञान लिया जाना क्षेत्र के लोगों के स्वास्थ्य, जीवन और स्वच्छ पर्यावरण के अधिकार के लिहाज से महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जांच के बाद प्रदूषण संबंधी वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी और यदि नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित पक्षों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
