उपायुक्त राहुल कुमार की अध्यक्षता में एनकॉर्ड समिति की समीक्षा बैठक, 10 सरकारी कर्मचारियों पर कार्रवाई की भी हुई समीक्षा
रोहित जसवाल। बिलासपुर, 7 सितंबर। उपायुक्त राहुल कुमार की अध्यक्षता में सोमवार को जिला स्तरीय एनकॉर्ड समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में मादक पदार्थों की तस्करी, नशे के दुरुपयोग की रोकथाम, उपचार एवं पुनर्वास, जनजागरूकता तथा विभिन्न विभागों द्वारा नशे के खिलाफ की जा रही कार्रवाई की विस्तृत समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ नशा तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने और युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए व्यापक स्तर पर जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।
नशे के खिलाफ बहुआयामी रणनीति पर जोर
उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि प्रदेश सरकार नशे के विरुद्ध गंभीरता से कार्य कर रही है। जिला प्रशासन भी नशा तस्करी और अवैध नशीले पदार्थों के कारोबार पर प्रभावी रोक लगाने के लिए सभी संबंधित विभागों के साथ मिलकर समन्वित एवं सख्त कार्रवाई कर रहा है।
उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने और समाज को नशामुक्त बनाने के लिए सरकार बहुआयामी रणनीति के तहत प्रभावी कदम उठा रही है। इसके लिए केवल कानूनी कार्रवाई ही नहीं, बल्कि रोकथाम, उपचार, पुनर्वास और जनजागरूकता को भी समान रूप से प्राथमिकता दी जा रही है।
10 सरकारी कर्मचारियों पर कार्रवाई की समीक्षा
बैठक में एनडीपीएस अधिनियम के मामलों में संलिप्त पाए गए 10 सरकारी कर्मचारियों के विरुद्ध की गई विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित विभागों को नियमानुसार समयबद्ध और ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि नशे से संबंधित मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए तथा दोषियों के विरुद्ध नियमों के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
नशा तस्करों के अवैध कब्जों पर भी होगी कार्रवाई
बैठक में वन एवं सरकारी भूमि पर नशा तस्करी में संलिप्त लोगों द्वारा किए गए अवैध कब्जों का मुद्दा भी उठाया गया। उपायुक्त ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को ऐसे मामलों में एक माह के भीतर ठोस कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
स्कूलों और पंचायतों में चलेगा व्यापक जागरूकता अभियान
उपायुक्त ने ग्राम पंचायतों और शिक्षण संस्थानों में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने जिला स्तर के सभी अधिकारियों को स्कूल एडॉप्शन कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों एवं युवाओं के साथ नियमित संवाद और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को केवल करियर काउंसलिंग तक सीमित न रखते हुए उन्हें नशे के दुष्प्रभाव, खराब संगति से होने वाले नुकसान और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति भी जागरूक किया जाना चाहिए। इसके लिए स्कूलों में संवाद सत्रों तथा सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
पंचायत स्तर पर 27 नशा निवारण समितियां गठित
उपायुक्त ने बताया कि जिले में पंचायत स्तर पर 27 नशा निवारण समितियों का गठन किया गया है। उन्होंने इन समितियों की नियमित बैठकें आयोजित करने, नशा उन्मूलन की दिशा में उठाए गए कदमों की जानकारी साझा करने तथा इनके माध्यम से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने पर भी बल दिया।
उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई को केवल प्रशासन या पुलिस तक सीमित नहीं रखा जा सकता। इसमें पंचायतों, शिक्षण संस्थानों, अभिभावकों, युवाओं और समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।
बैठक में पुलिस अधीक्षक अभिषेक धीमान, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रताप ठाकुर, एसडीएम राज कुमार, धर्मपाल, अर्शिया शर्मा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
