दिल्ली-राजस्थान में भाजपा सरकार बनी तो किशाऊ डैम पर बनी सहमति
अपनी पीठ थपथपाने के बजाय मोदी-शाह का आभार जताएं सुक्खू : जयराम ठाकुर
एएम नाथ। शिमला : पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने किशाऊ बांध परियोजना को लेकर समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर संबंधित राज्यों के हस्ताक्षर होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और सभी संबंधित भाजपा शासित राज्यों की सरकारों का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना को आगे बढ़ाने में केंद्र सरकार और संबंधित राज्यों की सकारात्मक भूमिका रही है।
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि पूर्व में दिल्ली में आम आदमी पार्टी और राजस्थान में कांग्रेस की सरकार होने के कारण परियोजना को लेकर सहमति नहीं बन पा रही थी। उन्होंने कहा कि दोनों राज्य अपने हिस्से और परियोजना से जुड़े दायित्वों को लेकर पीछे हटते रहे, जिसके चलते परियोजना में देरी हुई। उनके अनुसार, दिल्ली और राजस्थान में सत्ता परिवर्तन के बाद भाजपा सरकारें बनने से किशाऊ डैम के क्रियान्वयन का रास्ता साफ हुआ।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के प्रयासों से संबंधित राज्यों ने हिमाचल के हितों को ध्यान में रखते हुए परियोजना पर आगे बढ़ने की सहमति दी। एमओयू के अनुसार दिल्ली द्वारा परियोजना की लागत का 75 प्रतिशत और राजस्थान द्वारा 25 प्रतिशत खर्च वहन करने पर सहमति बनी है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि परियोजना की लागत अब करीब 15 हजार करोड़ रुपये पहुंच चुकी है, जबकि लगभग पांच वर्ष पहले इसकी लागत करीब 11.5 हजार करोड़ रुपये आंकी गई थी। उनका दावा है कि यदि दिल्ली और राजस्थान में पहले भी भाजपा की सरकारें होतीं तो परियोजना काफी आगे बढ़ चुकी होती।
जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को अपनी पीठ थपथपाने के बजाय प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और संबंधित भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों का आभार जताना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने भी हिमाचल के हितों को ध्यान में रखते हुए ही इस समझौते पर हस्ताक्षर नहीं किए थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि यदि यह समझौता मुख्यमंत्री के स्तर पर संभव होता तो इसके लिए चार वर्ष का समय नहीं लगता। परिस्थितियां अनुकूल होने और दिल्ली व राजस्थान में भाजपा सरकार बनने के बाद ही सभी पक्षों के बीच सहमति बन सकी।
