होशियारपुर, 17 सितंबर। जिले में बाल विवाह रोकने के लिए प्रशासन की ओर से चलाए जा रहे अभियान के तहत हाजीपुर और मुकेरियां ब्लॉक में बाल विवाह के दो मामले सामने आए हैं। जिला बाल सुरक्षा यूनिट और बाल कल्याण समिति की कार्रवाई के बाद दोनों मामलों में संबंधित थानों में एफआईआर दर्ज की गई है।
डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन के दिशा-निर्देशों के तहत बाल विवाह की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है। दोनों मामलों की जांच बाल विकास परियोजना अधिकारियों द्वारा की गई और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस कार्रवाई अमल में लाई गई।
जिला कार्यक्रम अधिकारी गगनदीप सिंह ने बताया कि सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग पंजाब ने सभी बाल विकास परियोजना अधिकारियों तथा सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों के प्रिंसिपलों को बाल विवाह रोकू अधिकारी नियुक्त किया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि विवाह होने से पहले शिकायत मिलने पर उसे रोकने के लिए तुरंत कार्रवाई की जाए। वहीं, यदि बाल विवाह हो चुका हो तो बाल विवाह रोकू अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने बताया कि संबंधित अधिकारी को मामले से जुड़े सभी जरूरी साक्ष्य एकत्र करने होते हैं। इनमें गुरुद्वारे या मंदिर का प्रमाणपत्र, बच्चे की आयु से संबंधित दस्तावेज तथा विवाह में शामिल लोगों का विवरण प्रमुख रूप से शामिल हैं। कार्रवाई पूरी होने के बाद इसकी रिपोर्ट डिप्टी कमिश्नर, जिला कार्यक्रम अधिकारी, एसएसपी और बाल कल्याण समिति होशियारपुर को भेजी जाती है।
विभाग के निर्देशों के अनुसार, जिन गांवों में 1 जनवरी 2025 के बाद बाल विवाह का कोई मामला रिपोर्ट नहीं हुआ है, उन्हें बाल विवाह मुक्त गांव घोषित किया जाना है। इस दिशा में संबंधित ग्राम पंचायतों के सरपंचों और बाल विकास परियोजना अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
