चिटकारा यूनिवर्सिटी के घटनाक्रम के 24 घंटे बाद LPU में भी फैली अफवाह; पुलिस दोनों मामलों में सोशल मीडिया की भूमिका की कर रही जांच
फगवाड़ा: लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में हालिया हिंसक विरोध-प्रदर्शन को लेकर राज्यसभा सांसद एवं यूनिवर्सिटी के चांसलर अशोक कुमार मित्तल ने इसे विश्वविद्यालय और पंजाब में अस्थिरता पैदा करने की “बहुत सोची-समझी साजिश” बताया है। हालांकि पुलिस की जांच अभी जारी है और दोनों विश्वविद्यालयों की घटनाओं के बीच सीधे संबंध को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
ANI से बातचीत में मित्तल ने कहा कि LPU कैंपस में तनाव सोशल मीडिया पर फैली कथित झूठी और अपुष्ट सूचनाओं के बाद बढ़ा। उन्होंने विशेष रूप से Reddit पर प्रसारित दावों का उल्लेख करते हुए कहा कि शुरुआती जांच में छात्रा के साथ कथित घटना की पुष्टि नहीं हुई है।
मित्तल ने कहा कि LPU की घटना से करीब एक दिन पहले राजपुरा स्थित चिटकारा यूनिवर्सिटी में भी सोशल मीडिया पर फैली अपुष्ट सूचनाओं के बाद छात्रों में तनाव पैदा हुआ था। उन्होंने दोनों घटनाओं के समय को देखते हुए इसे सुनियोजित साजिश बताया और कहा कि जांच में इसके पीछे जिम्मेदार लोगों का पता लगाया जाना चाहिए।
यौन उत्पीड़न के दावे के बाद भड़का था विरोध
LPU में विवाद उस सोशल मीडिया संदेश के बाद शुरू हुआ था, जिसमें गर्ल्स हॉस्टल में एक बाहरी व्यक्ति द्वारा छात्रा के साथ कथित यौन उत्पीड़न का दावा किया गया था। इसके बाद बड़ी संख्या में छात्र कैंपस में एकत्र हुए और कार्रवाई तथा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन बाद में हिंसक हो गया और कैंपस में तोड़फोड़ के साथ जालंधर-फगवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी यातायात प्रभावित हुआ। पुलिस ने अभी तक इस कथित यौन अपराध के दावे की पुष्टि नहीं की है।
पंजाब पुलिस ने मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सोशल मीडिया पर फैले संदेशों और अफवाहों ने दोनों विश्वविद्यालयों में तनाव बढ़ाने में भूमिका निभाई हो सकती है, लेकिन दोनों घटनाओं को सीधे तौर पर जोड़ने से पहले जांच पूरी होना जरूरी है।
चिटकारा यूनिवर्सिटी में भी अफवाह से मचा था बवाल
LPU से करीब एक दिन पहले चिटकारा यूनिवर्सिटी में दो छात्राओं के कथित रूप से लापता होने को लेकर सोशल मीडिया पर संदेश वायरल हुए थे। बाद की पुलिस और विश्वविद्यालय जांच में किसी छात्रा के लापता होने या आत्महत्या की पुष्टि नहीं हुई। पुलिस ने इस मामले में डेली डायरी रिपोर्ट दर्ज की है और बाहरी लोगों की संभावित भूमिका समेत अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।
MiG-23 पर प्रदर्शन को लेकर भी मित्तल नाराज
मित्तल ने LPU परिसर के मुख्य द्वार के पास स्थापित सेवानिवृत्त MiG-23 विमान पर छात्रों के चढ़ने और नारेबाजी/नृत्य के वीडियो पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने इसे सशस्त्र बलों के सम्मान और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील प्रतीकों के प्रति अनुचित व्यवहार बताया।
मित्तल ने पंजाब में सामाजिक सौहार्द को लेकर भी चिंता जताई और आरोप लगाया कि कुछ तत्व हिंदू-सिख समुदायों के बीच तनाव पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। ये उनके द्वारा लगाए गए आरोप हैं; इनके पीछे किसी संगठित समूह या सीमा-पार नेटवर्क की भूमिका की पुष्टि जांच पूरी होने तक नहीं हुई है।
10 दिन के लिए कक्षाएं स्थगित
हिंसक घटनाओं के बाद LPU ने 28 सितंबर से 10 दिनों के लिए फिजिकल कक्षाएं स्थगित कर दी थीं और मिड-टर्म परीक्षाएं भी टाल दी गईं। प्रशासन ने छात्रों से परिसर में शांति बनाए रखने और अपुष्ट सूचनाओं पर भरोसा न करने की अपील की थी।
