मंडी, 8 अक्तूबर: हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अक्सर भाजपा के भीतर गुटों की बात करते हैं, लेकिन उन्हें पहले कांग्रेस के भीतर झांककर देखना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस में एक नहीं बल्कि कई गुट बन चुके हैं और पार्टी के नेतृत्व को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
जयराम ठाकुर ने वीरवार को मंडी के इंदिरा मार्केट पार्क में भाजपा महिला मोर्चा की ओर से आयोजित ‘सेवा के रंग, राष्ट्र के संग’ रंगोली कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद उन्होंने भाजपा महिला मोर्चा की बैठक में भी भाग लिया।
पीएम मोदी के 25 वर्ष के सेवाकाल पर कार्यक्रम
कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता इन कार्यक्रमों के माध्यम से प्रधानमंत्री के कार्यकाल और योगदान को जनता तक पहुंचा रहे हैं।
‘हॉलीलॉज को डिसलॉज करने में सफल होने का भ्रम’
जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुक्खू पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें शायद लगता है कि वह ‘हॉलीलॉज को डिसलॉज’ करने में पूरी तरह सफल हो गए हैं, लेकिन यह उनकी सोच है। उन्होंने कहा कि जिस नेता का हिमाचल प्रदेश के विकास में योगदान रहा हो, उसे भुलाने और उसका निरंतर निरादर करने की राजनीति कांग्रेस की संकीर्ण संस्कृति को दर्शाती है।
प्रतिभा सिंह के बयान का भी किया जिक्र
पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह के हालिया बयानों का उल्लेख करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस के भीतर चल रही गुटबाजी अब खुलकर सामने आ गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि वह भाजपा में गुटों की संख्या गिनाने के बजाय कांग्रेस की स्थिति पर ध्यान दें।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस में कई गुट दिखाई दे रहे हैं और पार्टी के नेतृत्व को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन पर कांग्रेस को घेरा
दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ कांग्रेस के प्रदर्शन पर भी जयराम ठाकुर ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि गांधी परिवार देश के संविधान से ऊपर नहीं है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं से देश में अराजकता का माहौल पैदा करने से बचने और संवैधानिक पदों का सम्मान करने की अपील की।
जयराम ठाकुर ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है और राजनीतिक दलों को उनके प्रति सम्मान बनाए रखना चाहिए।
