एसएमसी शिक्षकों के लिए 5% कोटा तय, पात्र शिक्षकों के नियमितीकरण का रास्ता खुला; तीन साल बाद ग्रुप-बी राजपत्रित श्रेणी में आएगा पद
एएम नाथ। शिमला। हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग ने लेक्चरर (स्कूल-न्यू) के भर्ती एवं सेवा नियमों में बदलाव करते हुए नए नियम अधिसूचित किए हैं। नई व्यवस्था के तहत लेक्चरर के 50 प्रतिशत पद सीधी भर्ती और शेष 50 प्रतिशत पद पदोन्नति के माध्यम से भरे जाएंगे। सीधी भर्ती के कुल कोटे में 5 प्रतिशत पद कार्यरत स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) शिक्षकों के लिए सीमित सीधी भर्ती के तहत आरक्षित किए गए हैं। इससे निर्धारित शर्तें पूरी करने वाले एसएमसी शिक्षकों के नियमितीकरण का रास्ता भी खुल गया है।
शिक्षा सचिव की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, सीधी भर्ती के 50 प्रतिशत कोटे में 45 प्रतिशत पद नियमित भर्ती या पात्र प्रशिक्षुओं के नियमितीकरण से भरे जाएंगे, जबकि 5 प्रतिशत पद एसएमसी शिक्षकों के लिए रखे गए हैं।
पांच साल की सेवा वाले एसएमसी शिक्षकों को लाभ
एसएमसी शिक्षकों के लिए निर्धारित 5 प्रतिशत कोटे का लाभ उन्हीं शिक्षकों को मिलेगा, जिन्होंने 17 जुलाई, 2012 की एसएमसी नीति के तहत कम से कम पांच साल की सेवा पूरी की हो और निर्धारित शैक्षणिक योग्यता रखते हों। सभी पात्र एसएमसी शिक्षकों के समायोजन के बाद यह कोटा स्वतः समाप्त हो जाएगा और संबंधित पद सीधी भर्ती के कोटे में शामिल कर दिए जाएंगे।
सीधी भर्ती के लिए आयु सीमा 18 से 45 वर्ष
नए नियमों के तहत सीधी भर्ती के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 45 वर्ष निर्धारित की गई है। सरकारी सेवा में पहले से कार्यरत कर्मचारियों को निर्धारित शर्तों के अनुसार ऊपरी आयु सीमा में छूट मिलेगी। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और अन्य पात्र श्रेणियों को भी राज्य सरकार के नियमों के अनुसार आयु में छूट प्रदान की जाएगी।
शैक्षणिक योग्यता के तहत संबंधित विषय में कम से कम 50 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातकोत्तर डिग्री और बीएड निर्धारित की गई है। कुछ श्रेणियों में नियमानुसार 45 प्रतिशत अंकों वाली स्नातकोत्तर डिग्री भी मान्य होगी। इसके अतिरिक्त तीन वर्षीय एकीकृत बीएड-एमएड और अधिसूचना में निर्धारित कुछ अन्य व्यावसायिक डिग्रियों को भी मान्यता दी गई है।
कंप्यूटर साइंस लेक्चरर के लिए अलग प्रावधान
कंप्यूटर साइंस लेक्चरर पदों के लिए बीटेक (कंप्यूटर साइंस/आईटी), एमएससी कंप्यूटर साइंस, एमसीए और अधिसूचना में निर्धारित अन्य योग्यताओं के विकल्प दिए गए हैं। बीएड की अनिवार्यता से छूट पाने वाले उम्मीदवारों के लिए हिमाचल प्रदेश के स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षक के रूप में कम से कम पांच साल का अनुभव आवश्यक होगा।
पदोन्नति के लिए दुर्गम क्षेत्रों में सेवा जरूरी
नए नियमों के अनुसार, पदोन्नति के लिए पर्याप्त पद उपलब्ध होने की स्थिति में कर्मचारियों को जनजातीय, दुर्गम, कठिन और दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में कम से कम एक कार्यकाल पूरा करना होगा। सामान्य तौर पर यह कार्यकाल तीन साल या उससे कम हो सकता है। पदोन्नति के लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यता के साथ कम से कम पांच साल की नियमित या पात्र निरंतर तदर्थ सेवा का प्रावधान किया गया है।
अधिसूचना में यह भी प्रावधान है कि लेक्चरर (स्कूल-न्यू) के पद को तीन साल बाद ग्रुप-बी राजपत्रित श्रेणी में रखा जाएगा। नए नियम लागू होने के साथ वर्ष 2010 के पुराने भर्ती एवं पदोन्नति नियम निरस्त कर दिए गए हैं।
