केवल आर्थिक सहायता पर्याप्त नहीं, होमगार्ड जवानों का भविष्य सुरक्षित करे सरकार
होमगार्ड भर्ती में 15 प्रतिशत आरक्षण का लाभ सुनिश्चित करने की मांग
सुरेंद्र भवानी। डलहौजी : हिमाचल प्रदेश होमगार्ड कल्याण संघ ने प्रदेश सरकार की ओर से होमगार्ड जवानों को दुर्घटना की स्थिति में 25 हजार रुपये तथा मृत्यु होने पर एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा का स्वागत किया है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष जोगिंदर सिंह चौडिया ने मुख्यमंत्री, मंत्रिमंडल और प्रदेश के सभी विधायकों का आभार व्यक्त करते हुए होमगार्ड जवानों के लिए स्थायी रोजगार नीति बनाने, वर्षभर रोजगार सुनिश्चित करने और कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) लागू करने की मांग उठाई है।
जोगिंदर सिंह चौडिया ने कहा कि आर्थिक सहायता का निर्णय सराहनीय है, लेकिन प्रदेश के हजारों होमगार्ड जवानों का भविष्य सुरक्षित करने के लिए यह पर्याप्त नहीं है। जवानों ने हमेशा प्रदेश की सेवा की है, लेकिन आज भी उनके रोजगार और सामाजिक सुरक्षा को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। सरकार को उनकी वर्षों की सेवा और योगदान को ध्यान में रखते हुए ठोस निर्णय लेना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल की बैठक में होमगार्ड अधिनियम, 1968 और नियम, 1971 का हवाला देकर नियमितीकरण संभव न होने की बात कही गई है। संघ की मांग अनिवार्य रूप से नियमितीकरण की नहीं, बल्कि कानून के दायरे में स्थायी रोजगार नीति बनाने और ईपीएफ का लाभ देने की है। नियमितीकरण में कानूनी अड़चन होने का अर्थ यह नहीं कि जवानों को रोजगार और सामाजिक सुरक्षा देने के अन्य विकल्पों पर विचार न किया जाए।
चौडिया ने भर्ती में होमगार्ड जवानों के लिए निर्धारित 15 प्रतिशत आरक्षण का वास्तविक लाभ सुनिश्चित करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि शारीरिक दक्षता परीक्षा में जवानों को उनकी वर्षों की सेवा, अनुभव और शारीरिक क्षमता के आधार पर सेना के जवानों के समकक्ष उचित छूट दी जानी चाहिए। जिन विभागों में आरक्षण का प्रावधान है, वहां इसकी समीक्षा कर जरूरत पड़ने पर संशोधन किया जाए।
उन्होंने सरकार से होमगार्ड संगठन की क्षमता और अनुभव के अनुरूप निश्चित विभागीय कार्य एवं जिम्मेदारी सौंपने का आग्रह भी किया। चौडिया ने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री, मंत्रिमंडल और विधायक जवानों की वर्षों पुरानी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेंगे। उन्होंने कहा कि होमगार्ड जवानों को केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि स्थायी रोजगार, ईपीएफ और सुरक्षित भविष्य चाहिए।
