चंडीगढ़, 19 अक्टूबर। पंजाब में नशे के मुद्दे को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 20 अक्टूबर को पंजाब के दौरे पर आएंगे। पिछले 21 दिनों में यह उनका राज्य का दूसरा दौरा होगा। इस दौरान वह मानसा, संगरूर और गुरदासपुर जाकर नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटा, गुलजार सिंह और बिक्रमजीत सिंह के परिवारों से मुलाकात करेंगे।
अमित शाह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपने दौरे की जानकारी साझा करते हुए कहा कि वह उन परिवारों से मिलेंगे, जिन्होंने पंजाब में नशीले पदार्थों के कारोबार के खिलाफ आवाज उठाने के दौरान अपने प्रियजनों को खोया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में नशा तस्करों के खिलाफ आवाज उठाने वालों को अपनी जान गंवानी पड़ी। शाह ने इसके लिए आम आदमी पार्टी की सरकार पर निशाना साधा है।
नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों के परिवारों से मिलेंगे शाह
केंद्रीय गृह मंत्री के कार्यक्रम में मानसा, संगरूर और गुरदासपुर का दौरा शामिल है। इस दौरान वह परविंदर सिंह झोटा, गुलजार सिंह और बिक्रमजीत सिंह के परिजनों से मुलाकात करेंगे। इन मामलों का संबंध पंजाब में नशे की उपलब्धता और कथित अवैध नशा कारोबार के खिलाफ उठाई गई आवाजों से बताया जा रहा है।
परविंदर सिंह झोटा की हत्या का मामला पहले ही पंजाब में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस मामले में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है। शाह का पीड़ित परिवारों से मिलने का कार्यक्रम ऐसे समय में हो रहा है, जब नशे की समस्या और उससे निपटने के सरकार के तरीकों को लेकर बहस जारी है।
‘नशा तस्करों को सलाखों के पीछे डालने के लिए प्रतिबद्ध केंद्र’
अमित शाह ने अपने बयान में कहा कि नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ उठने वाली आवाजों को दबाने की कोशिशें सफल नहीं होंगी। उन्होंने दावा किया कि भारत सरकार नशा तस्करों को सलाखों के पीछे डालने और देश को नशे के कारोबार से मुक्त कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने पंजाब सहित पूरे देश में नशे के खिलाफ कार्रवाई करने का संकल्प दोहराया। शाह के इस बयान को राज्य में नशे के मुद्दे पर केंद्र सरकार की ओर से कार्रवाई और जवाबदेही पर जोर देने के रूप में देखा जा रहा है।
विधानसभा चुनाव से पहले नशे का मुद्दा फिर चर्चा में
पंजाब में नशे की समस्या लंबे समय से राजनीतिक बहस का प्रमुख विषय रही है। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले केंद्रीय गृह मंत्री का नशा विरोधी कार्यकर्ताओं के परिवारों से मिलने का कार्यक्रम राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इस दौरे के जरिए भाजपा आम आदमी पार्टी सरकार से नशे की समस्या पर जवाबदेही मांग सकती है। वहीं, पीड़ित परिवारों से मुलाकात के दौरान उनके आरोपों, न्याय की मांग और जांच से जुड़े मुद्दों पर भी ध्यान केंद्रित रहने की संभावना है।
