चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के विवादित वायरल वीडियो से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने लुधियाना के पुलिस कमिश्नर एवं आईपीएस अधिकारी स्वप्न शर्मा को समन जारी किया है। उन्हें 19 अक्टूबर 2026 को चंडीगढ़ स्थित ईडी कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश दिए गए हैं। मामला कथित तौर पर फर्जी फॉरेंसिक और साइबर विश्लेषण रिपोर्ट तैयार कराने के आरोपों से जुड़ा है।
आरोप है कि विवादित वीडियो को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार या संपादित बताया जाने के लिए कथित तौर पर फर्जी रिपोर्ट बनवाई गई थी, ताकि मुख्यमंत्री भगवंत मान को विवाद से बचाया जा सके। इस मामले में स्वप्न शर्मा की भूमिका को लेकर लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। हालांकि, आरोपों की पुष्टि होना अभी बाकी है और समन जारी होना अपने आप में किसी अपराध में संलिप्तता का प्रमाण नहीं है।
अकाल तख्त में पेशी के बाद शुरू हुआ विवाद
यह विवाद इस वर्ष जनवरी में उस समय चर्चा में आया, जब अकाल तख्त ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को तलब किया था। उन्हें गुरु की गोलक यानी गुरुद्वारे के दान पात्र को लेकर की गई कथित टिप्पणी और एक विवादित वीडियो से संबंधित आरोपों पर अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया था। वीडियो में सिख गुरुओं और जरनैल सिंह भिंडरावाले की तस्वीरों को लेकर भी आपत्तियां जताई गई थीं।
15 जनवरी को अकाल तख्त के समक्ष पेश होने के बाद मुख्यमंत्री ने कथित तौर पर कहा था कि विवादित वीडियो एआई से तैयार किया गया है। उन्होंने यह भी कहा था कि संबंधित धार्मिक नेतृत्व चाहे तो देश की किसी भी फॉरेंसिक प्रयोगशाला में इसकी जांच करवा सकता है।
गुरुग्राम की फॉरेंसिक लैब की रिपोर्ट पर सवाल
बाद में वीडियो को जांच के लिए गुरुग्राम की एक फॉरेंसिक लैब में भेजे जाने के बाद रिपोर्ट की प्रामाणिकता को लेकर विवाद सामने आया। आरोप है कि स्वप्न शर्मा ने अरुण मेहरंद्रू और अंकित से कथित तौर पर फर्जी फॉरेंसिक एवं साइबर विश्लेषण रिपोर्ट तैयार करने को कहा था।
गुरुग्राम पुलिस की ओर से दर्ज एफआईआर और अरुण मेहरंद्रू तथा अंकित की गिरफ्तारी के बाद ईडी ने मामले की जांच अपने हाथ में ली। दोनों पर कथित रूप से फर्जी रिपोर्ट तैयार करने के आरोप हैं। जांच एजेंसी अब मामले से जुड़े तथ्यों, संबंधित व्यक्तियों की भूमिका और कथित वित्तीय पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
PMLA के तहत जारी किया गया समन
ईडी ने स्वप्न शर्मा को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 की धारा 50(2) और 50(3) के तहत समन जारी किया है। इन प्रावधानों के तहत जांच एजेंसी संबंधित व्यक्तियों को बयान दर्ज कराने और जांच में आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए बुला सकती है।
स्वप्न शर्मा को 19 अक्टूबर को चंडीगढ़ स्थित ईडी कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के लिए कहा गया है। अब इस मामले में उनकी पेशी और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों पर नजर रहेगी।
