गढ़शंकर l पंजाब मुलाजिम एवं पेंशनर फ्रंट तथा सांझा मुलाजिम मंच पंजाब पर आधारित तालमेल कमेटी के आह्वान पर कर्मचारियों और पेंशनरों ने सामूहिक अवकाश के दूसरे दिन बुधवार को गढ़शंकर के गांधी पार्क में रोष रैली की। इसके बाद शहर में रोष मार्च निकालकर पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों ने पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, महंगाई भत्ते की बकाया किस्तें जारी करने और सरकारी विभागों में खाली पद भरने की मांग उठाई।

प्रदर्शन का नेतृत्व माखन सिंह वाहिदपुरी, मुकेश कुमार, शाम सुंदर कपूर, अमरीक सिंह, बलबीर खानपुरी और जसविंदर कुमार ने किया। इस दौरान जीत सिंह बगवाईं, संदीप सिंह, नरेश कुमार, विनोद कुमार, बलवंत राम, परमिंदर पक्खोवाल, मेजर सिंह, गुरनाम हाजीपुर और बिक्कर सिंह सहित अन्य वक्ताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री ने तालमेल कमेटी के साथ बैठक में कर्मचारियों और पेंशनरों की मांगों पर विचार करने के लिए हर महीने के पहले सप्ताह में बैठक करने का आश्वासन दिया था, लेकिन इस पर अमल नहीं किया गया।
वक्ताओं ने कहा कि सरकार की कथित बेरुखी के कारण कर्मचारियों और पेंशनरों में रोष बढ़ रहा है। इसी के विरोध में 10 अक्टूबर को संगरूर में विशाल रैली की गई थी। अब 21 और 22 अक्टूबर को सामूहिक अवकाश लेकर राज्यभर में रोष रैलियों और प्रदर्शनों के माध्यम से संघर्ष आगे बढ़ाया गया है।
ये हैं प्रमुख मांगें
प्रदर्शनकारियों ने महंगाई भत्ते की लंबित किस्तें बकाया राशि सहित जारी करने, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने और पेंशन संशोधन के लिए 2.59 का गुणांक लागू करने की मांग की। इसके अलावा मानदेय कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन के दायरे में लाने, बंद किए गए भत्ते बहाल करने तथा 17 जुलाई 2020 और 15 जनवरी 2015 को जारी कर्मचारी विरोधी बताए जा रहे पत्रों को रद्द करने की मांग उठाई गई।
उन्होंने सरकारी विभागों के निजीकरण पर रोक लगाने, खाली पदों को नियमित आधार पर भरने, जरूरत के अनुसार नए पद सृजित करने और महंगाई पर अंकुश लगाने की भी मांग की। वक्ताओं ने कहा कि यदि सरकार ने मांगों के समाधान के लिए कदम नहीं उठाए तो कर्मचारी और पेंशनर भविष्य में तालमेल कमेटी की ओर से घोषित संघर्ष में बढ़-चढ़कर भाग लेंगे।
इस अवसर पर पवन कुमार गोयल, हंस राज, सतपाल, पवन कुमार गढ़ी, शिंगारा राम, गुरमेल सिंह, जोगिंदर सिंह हीर, मनजीत अरमान, जरनैल डघाम, संदीप कुमार, गुरनीत कुमार, बेदी मोइला, रमन कुमार, दलवीर सिंह, अनुपम शर्मा, रेशम कौर, कांता रानी, गुरबख्श कौर, सारिका, गीतांजलि, कमलजीत कौर, मनजीत सिंह, परमिंदर कुमार, जतिंदर कुमार, अशोक कुमार, राकेश कुमार, विनय कुमार, नरेंद्र कुमार, संजीव कुमार, राम स्वरूप, परमजीत सिंह, राम कुमार और मोहन सिंह सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी एवं पेंशनर उपस्थित थे।
