मथुरा के जिलाधिकारी को भेजा प्रार्थना पत्र; मांग पर प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया की पुष्टि नहीं
मथुरा। चर्चित सौरभ हत्याकांड एक बार फिर चर्चा में है। अखिल भारत हिंदू महासभा की आगरा जिलाध्यक्ष मीरा राठौर की ओर से मथुरा के जिलाधिकारी को भेजे गए एक कथित प्रार्थना पत्र में मामले से जुड़ी मुस्कान और रिवातिका को फांसी की सजा देने की मांग की गई है। पत्र में मीरा राठौर ने यह भी कहा है कि यदि प्रशासन नियमानुसार अनुमति देता है, तो वह बिना किसी पारिश्रमिक के जल्लाद की भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मीरा राठौर ने प्रार्थना पत्र के माध्यम से मामले में सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है। पत्र में दोनों महिलाओं को फांसी देने की मांग करते हुए अपनी ओर से यह पेशकश की गई है। इस मांग के सामने आने के बाद मामला फिर चर्चा में आ गया है।
‘निशुल्क जल्लाद बनने को तैयार’
प्रार्थना पत्र में मीरा राठौर ने कहा है कि यदि प्रशासन की ओर से नियमानुसार अवसर और अनुमति प्रदान की जाती है, तो वह निशुल्क जल्लाद बनने के लिए तैयार हैं। उनके इस कथित बयान को लेकर सामाजिक हलकों में चर्चा हो रही है।
सजा का फैसला न्यायिक प्रक्रिया के तहत
किसी भी आपराधिक मामले में दोष सिद्ध होने और सजा निर्धारित करने का अधिकार अदालत को है। मृत्युदंड जैसी सजा के मामले में भी न्यायिक प्रक्रिया और कानून में निर्धारित सभी आवश्यक औपचारिकताओं का पालन अनिवार्य है। किसी व्यक्ति या संगठन की मांग मात्र से किसी आरोपी को सजा नहीं दी जा सकती।
प्रशासन की प्रतिक्रिया की पुष्टि नहीं
फिलहाल, जिलाधिकारी कार्यालय की ओर से इस प्रार्थना पत्र पर किसी कार्रवाई या आधिकारिक प्रतिक्रिया की पुष्टि उपलब्ध नहीं है। साथ ही, संबंधित व्यक्तियों की वर्तमान कानूनी स्थिति और मामले में न्यायालय की ओर से सुनाए गए फैसले के विवरण की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
