कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने आप सरकार पर नशा कारोबार रोकने में विफल रहने का लगाया आरोप; कहा—न्याय की मांग पर विधानसभा का सत्र नौ मिनट में समाप्त करना जवाबदेही से बचने का संकेत
जालंधर/चंडीगढ़। पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष परगट सिंह ने परमिंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले को लेकर आम आदमी पार्टी की सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफल रही है। परगट सिंह ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देने की मांग की।
जालंधर में एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए परगट सिंह ने परमिंदर सिंह झोटा के पिता भीम सिंह फौजी के संघर्ष का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बेटे को खोने के असहनीय दुख के बावजूद भीम सिंह फौजी न्याय की मांग को लेकर लगातार आवाज उठा रहे हैं। उनके अनुसार, परिवार की यह लड़ाई न्याय और पंजाब में सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने के संदेश से भी जुड़ गई है।
बेटे को खोने के बावजूद एकता बनाए रखने की अपील
परगट सिंह ने कहा कि भीम सिंह फौजी अपने बेटे की मौत के दुख के बीच भी लोगों से पंजाब में आपसी भाईचारा और सांप्रदायिक एकता बनाए रखने की अपील कर रहे हैं। उन्होंने हिंदू समुदाय के लोगों से अपने त्योहार मनाने का आग्रह करने के उनके रुख की सराहना की।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि परिवार को न्याय दिलाने के लिए सरकार को संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ कदम उठाने चाहिए। उन्होंने दोहराया कि कांग्रेस इस मामले में पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और न्याय मिलने तक उसका समर्थन जारी रखेगी।
नशे के कारोबार पर कार्रवाई को लेकर सरकार पर सवाल
परगट सिंह ने आरोप लगाया कि पंजाब में नशीले पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए सरकार ने प्रभावी कदम नहीं उठाए। उन्होंने कहा कि परमिंदर सिंह झोटा की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या किए जाने के बाद ही कुछ केमिस्टों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई और उनकी दुकानों को बंद करने के आदेश दिए गए।
उन्होंने सवाल उठाया कि नशे के कारोबार के खिलाफ पहले गंभीरता से कार्रवाई क्यों नहीं की गई। उनका दावा था कि समय रहते प्रभावी कदम उठाए जाते तो ऐसी परिस्थितियों से बचने में मदद मिल सकती थी। परगट सिंह ने कानून-व्यवस्था और नशे के कारोबार पर नियंत्रण को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान की जवाबदेही तय करने की मांग की।
विधानसभा सत्र को लेकर भी उठाए सवाल
कांग्रेस नेता ने पंजाब विधानसभा के सत्र को लेकर भी सरकार की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि न्याय की मांग और जनहित से जुड़े गंभीर मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय सरकार जवाबदेही से बच रही है। उनके मुताबिक, विधानसभा सत्र का पहला दिन केवल नौ मिनट में समाप्त हो गया, जो गंभीर मुद्दों पर सरकार के रवैये को दर्शाता है।
परगट सिंह ने कहा कि परमिंदर सिंह झोटा के परिवार को न्याय दिलाना और पंजाब में नशे के कारोबार पर प्रभावी रोक लगाना जरूरी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कांग्रेस पार्टी परिवार के साथ खड़ी रहेगी और न्याय के लिए अपनी आवाज उठाती रहेगी।
