परमिट और टैक्स नहीं होने का दावा, बसों में इमरजेंसी गेट व फायर सिस्टम भी नहीं मिला; 5 बसों के चालान काटे
हरिद्वार। पंजाब सरकार की तीर्थयात्रा योजना के तहत श्रद्धालुओं को लेकर हरिद्वार पहुंच रही बसों में उत्तराखंड परिवहन विभाग की जांच के दौरान कई खामियां सामने आई हैं। विभाग के अधिकारियों के अनुसार, कुछ बसों के पास जरूरी परमिट नहीं थे और टैक्स जमा होने के दस्तावेज भी नहीं मिले। यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े मानकों में कमी पाए जाने पर तीन बसों को इम्पाउंड किया गया, जबकि पांच बसों के चालान काटे गए।
हरिद्वार परिवहन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, पंजाब से तीर्थयात्रा योजना के तहत रोजाना करीब 10 बसें हरिद्वार आती हैं। उत्तराखंड में टूरिस्ट बसों की विशेष जांच के दौरान दस्तावेजों और सुरक्षा इंतजामों की पड़ताल की गई। अधिकारियों का कहना है कि नियमों का पालन नहीं होने से सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचने के साथ यात्रियों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है।
दूसरे राज्यों में पंजीकृत हैं कई बसें
हरिद्वार की सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) वरुणा सैनी के अनुसार, जांच में सामने आया कि पंजाब सरकार की तीर्थयात्रा योजना के तहत चल रही कई बसें पंजाब के बजाय मध्य प्रदेश, नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश में पंजीकृत हैं। उन्होंने बताया कि कुछ बसों के पास आवश्यक परमिट नहीं थे और टैक्स जमा करने से संबंधित कमियां भी पाई गईं।
बसों की बॉडी और सीटों में बदलाव का आरोप
मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर (एमवीआई) आनंद वर्द्धन के मुताबिक, जांच के दौरान कुछ बसों की बॉडी में बदलाव किए जाने की बात सामने आई। आरोप है कि बसों की लंबाई बढ़ाकर अतिरिक्त सीटें लगाई गई हैं। अधिकारियों के अनुसार, कुछ बसों में पिछले टायर से पीछे के हिस्से की लंबाई निर्धारित मानकों से अधिक पाई गई। इससे बसों की संरचना और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठे हैं।
इमरजेंसी गेट और फायर सिस्टम की कमी
परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बसों में आपातकालीन निकास द्वार और खिड़कियों की कमी पर भी चिंता जताई। एमवीआई के अनुसार, जांच की गई बसों में अग्निशमन व्यवस्था भी नहीं मिली। अधिकारियों का कहना है कि आपात स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने और आग से बचाव के लिए जरूरी उपकरणों का होना बेहद अहम है।
चेतावनी देकर छोड़ी गईं बसें
एआरटीओ के अनुसार, कार्रवाई के दौरान तीन बसों को इम्पाउंड किया गया था। बाद में जुर्माना भरने और सुरक्षा संबंधी खामियों को दूर करने के लिए समय मांगने पर उन्हें चेतावनी देकर जाने दिया गया। अधिकारियों ने चेताया कि नियमों का पालन किए बिना दोबारा बसें लाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
ऑपरेटरों और सरकार की जिम्मेदारी
परिवहन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि तीर्थयात्रा योजना के तहत बसों का संचालन करने वाले ऑपरेटरों को सभी परमिट, टैक्स और सुरक्षा मानकों का पालन करना चाहिए। साथ ही, योजना के तहत बसों की व्यवस्था करने वाली एजेंसियों को भी यह सुनिश्चित करना चाहिए कि श्रद्धालुओं को ले जाने वाले वाहन नियमों के अनुरूप हों।
