सोमभद्रा ब्रांड के कारण हो रही है स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की आय में बढ़ोत्तरी: डीसी

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ऊना : ऊना जिला में महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार खाद्य उत्पादों को अगस्त 2021 से सोमभद्रा नामक ब्रांड के नाम से बेचा जा रहा है। इस कार्य में जिला के 30 महिला स्वयं सहायता समूह मिलकर काम कर रहे हैं। इनके द्वारा तैयार उत्पाद शुद्ध एवं उच्च गुणवत्ता स्तर के हैं जिन्हें गगरेट में स्थापित एक स्थाई शॉप के अलावा विभिन्न आयोजनों सहित जिला मुख्यालय ऊना में प्रदर्शनी स्टाल लगाकर भी भेजा जा रहा है। पिछले 10 महीनों के दौरान सोम भद्रा ब्रांड के 8 लाख के उत्पाद बेचे गए हैं। यह जानकारी उपायुक्त उना राघव शर्मा ने ऊना में सोमभद्रा की प्रदर्शनी एवं बिक्री स्टॉल के निरीक्षण अवसर पर पर दी। उन्होंने बताया कि इन महिलाओं के लिए एक 7 हजार रुपए की कैनोपी लांच की गई है जिसे जिला की सभी खंडों में दिया जाएगा इस कैनोपी की सहायता से महिलाएं किसी भी स्थान पर जाकर अपने उत्पादों की अस्थाई बिक्री आसानी से कर सकते है जिससे आने वाले समय में जिला की महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा त्यार खाद्य उत्पादों की बिक्री में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। उन्होंने बताया कि ऊना में आरंभ किया गया स्टॉल 3 से 9 जून तक चलेगा। सोनभद्र ब्रांड में सटीवीया नामक नया उत्पाद जोड़ा गया है जो कि शून्य कैलोरी के साथ हमें प्राकृतिक मिठास प्रदान करता है तथा शुगर के मरीजों के लिए अत्यंत लाभकारी है।
सोमभद्रा ब्रांड से जुड़ी रीमा शर्मा नामक महिला ने बताया कि जिला प्रशासन के प्रयासों से सोम भद्रा ब्रांड की सहायता से उनके उत्पादों को एक विशेष पहचान मिली है तथा उत्पादों को एक बार खरीद कर इस्तेमाल करने वाले लोग बार-बार इसकी मांग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सोभद्रा ब्रांड से जुड़े स्वयं सहायता समूह भिन्न-भिन्न उत्पादों का उत्पादन कर रहे हैं तथा पहले की तुलना में उनकी आय में निरंतर बढ़ोतरी हो रही है। रीमा शर्मा ने बताया कि ऊना में आरंभ किए गए बिक्री स्टॉल के पहले दिन 3 जून को 10 हजार के खाद्य उत्पाद की बिक्री हुई है। रीमा शर्मा ने उपायुक्त ऊना राघव शर्मा तथा डीआरडीए का स्वयं सहायता समूह के लिए किए गए प्रयास व सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया है।
सोमभद्रा प्रदर्शनी एवं विक्री स्थल पर उपस्थित खरीदारों ने अपने अनुभव सांझा करते हुए बताया कि सोमभद्रा द्वारा तैयार उत्पाद स्वादिष्ट होने के साथ-साथ शुद्ध एवं अत्यंत पौष्टिक भी हैं तथा वे निरंतर इनका सेवन कर रहे हैं।
उपायुक्त ऊना ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे स्थानीय महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों की ज्यादा से ज्यादा खरीदारी करें ताकि इससे जुड़ी महिलाओं की आर्थिकी को सशक्त बनाया जा सके।
इस अवसर पर डीआरडीए के परियोजना अधिकारी संजीव ठाकुर, विभिन्न स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के अलावा प्रिंट तथा इलेक्ट्रॉनिक्स मीडिया के संवाददाता गण भी उपस्थित थे।

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