पंजाब पीडि़त मुआवजा योजना- 2017 के अंतर्गत जिला कानूनी सेवाएं अथारिटी के बेहतरीन पहल

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जिले में हुई 2018 के दुर्घटना मामले में बिहार से आश्रित प्रमाण पत्र मंगवा कर मृतक पक्ष को दिलाया 2 लाख रुपए का मुआवजा
मैंबर सचिव पंजाब राज्य कानूनी सेवाएं अथारिटी अरुण गुप्ता के दखल के बाद बिहार राज्य कानूनी सेवाएं अथारिटी ने की त्वरित कार्रवाई
होशियारपुर : प्रदेश में लागू पंजाब पीडि़त मुआवजा योजना-2017 के अंतर्गत एक अभूतपूर्व कदम के तौर पर वर्ष 2018 में दर्ज धारा 304 के अंतर्गत सडक़ दुर्घटना मामले में मृतक के माता-पिता के पक्ष में 2 लाख का मुआवजा जिला कानूनी सेवाएं अथारिटी के प्रयासों से दिलाया गया। जानकारी देते हुए सी.जे.एम-कम-सचिव जिला कानूनी सेवाएं अथारिटी श्रीमती अपराजिता जोशी ने बताया कि यह मामला 2018 में थाना हाजीपुर(मुकेरियां) से संबंधित था, जिसमें आरोपी का पता नहीं चल सका था। इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उपरोक्त योजना के क्लाज 13 के अनुसार आवश्यक आश्रित प्रमाण पत्र(डिपेंडेंट सर्टिफिकेट) बिहार राज्य(बिहार राज्य कानूनी सेवाएं अथारिटी )से माननीय मैंबर सचिव पंजाब राज्य कानूनी सेवाएं अथारिटी श्री अरुण गुप्ता(जिला एवं सत्र न्यायधीश) के हस्तक्षेप व अथक प्रयासों से कारण प्राप्त हुआ।
सचिव जिला कानूनी सेवाएं अथारिटी ने बताया कि घटना वर्ष 2018 की है, जिसमें बादल गुप्ता पुत्र श्री नवल टाटी, निवासी गोपालपुर, थाना ईटन, लखीसराय(बिहार) की एक सडक़ दुर्घटना में मौत थाना हाजीपुर( मुकेरियां) में हुई थी। मृतक बादल गुप्ता मुकेरियां मे संगमरमर का काम करता था और वह मोटर साइकिल चला रहा, तभी एक अज्ञात वाहन ने बादल गुप्ता की मोटर साइकिल में टक्कर मार दी और उसकी दुर्घटना स्थल पर ही मौत हो गई थी। इस मामले में एफ.आई.आर. 19 दिसंबर 2018 को दर्ज की गई थी। इस मामले में वाहन और आरोपी का पता नहीं चल सका था और पुलिस ने संबंधित न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष एक अनट्रेस्ड रिपोर्ट दायर की, जिसे स्वीकार कर लिया गया। इस संबंध में मैंबर सचिव पंजाब राज्य कानूनी सेवाएं अथारिटी की पहल से संबंधित अदालत ने मृतक बादल गुप्ता के आश्रितों को मुआवजे के अनुदान के मामले को प्रोसेस करने के लिए जिला कानूनी सेवाएं अथारिटी होशियारपुर को अनट्रेस्ड रिपोर्ट की स्वीकृति के संबंध में जानकारी दी। पंजाब पीडि़त मुआवजा योजना 2017 के अनुसार मृतक के आश्रित जीवन हानि के मामले में दो लाख रुपए के मुआवजे के हकदार है। इस मामले में जिला कानूनी सेवाएं अथारिटी को मृतक के आश्रित प्रमाण पत्र की आवश्यकता थी, चूंकि मृतक बिहार राज्य का था, इस लिए कलेक्टर जिला लखीसराय(बिहार) और जिला कानूनी सेवाएं अथारिटी लखीसराय को भी कई पत्र लिखे गए, लेकिन बिहार से आश्रित प्रमाण पत्र प्राप्त करने में अनुचित देरी हुई। इसके बाद मामला मैंबर सचिव पंजाब राज्य कानूनी सेवाएं अथारिटी श्री अरुण गुप्ता के संज्ञान में लाया गया, जिन्होंने तुरंत बिहार राज्य कानूनी सेवाएं अथारिटी के साथ मामले को उठाया और इसके चलते त्वरित कार्रवाई और मुस्तैदी के साथ आश्रित प्रमाण पत्र जिला कानूनी सेवाएं अथारिटी होशियारपुर के कार्यालय को प्राप्त हो पाया जो जिन मामलों में जीवन की हानि होती है, उन मामलों में मुआवजे के मामलों को आगे बढ़ाने के लिए पंजाब पीडि़त मुआवजा योजना-2017 के अंतर्गत आवश्यक है।
श्रीमती अपराजिता जोशी ने बताया कि माननीय मैंबर सचिव पंजाब कानूनी सेवाएं अथारिटी श्री अरुण गुप्ता के समय पर ईमानदार प्रयासों के कारण यह संभव हो पाया है कि बिहार राज्य से भी एक आश्रित प्रमाण पत्र जिला होशियारपुर में प्राप्त हुआ, जिसके बिना मृतक के आश्रितों के संबंध में मुआवजे का मामला आगे नहीं बढ़ सकता था। इसके बाद जिला एवं सत्र न्यायधीश मैडम अमरजोत भट्टी के नेतृत्व वाली पीडि़त मुआवजा कमेटी होशियारपुर की ओर से जिसमें उनके अलावा रामजी दास बधान सद स्य हैं ने 12 अगस्त को मुआवजा देने का आदेश पारित किया।

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