हाईकमान किसी गुट को नाराज कर कोई जोखम नही उठाना चाहती : विधानसभा के शीत सत्र के बाद ही मंत्री बनाए जाने के संभावना

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शिमला : हिमाचल प्रदेश में मंत्रिमंडल गठन को लेकर विधायक दल का नेता चुने हुए एक सप्ताह बीत गया है। लेकिन अभी तक कैबिनेट का गठन नही होने से कई तरह की चर्चाएं निकल कर बाहर आ रही है। एक बात तो साफ होती जा रही के कांग्रेस हाईकमान किसी गुट को नाराज कर कोई जोखम नही उठाना चाहती। हिमाचल प्रदेश में पहली बार हुआ कि बिना मंत्रिमंडल के गठन के विधानसभा सत्र बुलाया जा रहा है।
उधर नई दिल्ली में मंत्रिमंडल के गठन को लेकर मंथन जारी है। सबसे ज्यादा शिमला और कांगड़ा जिले से मंत्रियों को लेकर पेच फंसा हुआ है। उसमे से भी शिमला जिला से दावेदार अधिक के साथ साथ सुक्खू वी होलीलोज कैंप शाख भी दांव पर है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने प्रदेश प्रभारी राजीव शुक्ला से शनिवार रात को नई दिल्ली में मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने वाले संभावित नामों पर मंथन हुया। लेकिन कोई सूची फाइनल ना होने के कारण अब विधानसभा के शीत सत्र के बाद ही मंत्री बनाए जाने के संभावना हैं। संभाव है कि पहले चरण में आठ ही मंत्रियों को शपथ दिलाई जाएगी। मंत्री बनने के लिए शनिवार को कई भी दावेदार विधायकों ने नई दिल्ली में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर अपने लिए लॉबिंग की। जिला शिमला से विक्रमादित्य सिंह, रोहित ठाकुर, अनिरुद्ध सिंह और कुलदीप राठौर, नंदलाल, मोहनलाल ब्राक्टा मंत्री पद की दौड़ में शामिल हैं। हॉलीलॉज को अधिमान दिए जाने के लिए विक्रमादित्य सिंह को मंत्री बनाया जाना लगभग तय है। लेकिन हॉलीलॉज कैंप से अन्य मंत्री शिमला जिले से बनेगा जा सुक्खू कैंप का बन इस पर पेच फंसा हुआ है। जबकि कुलदीप राठौर की नजदीकियां सोनिया गांधी से होने के कारण उनका मंत्री बनना तय माना जा रहा है।
कांगड़ा जिला से सुधीर शर्मा, चंद्र कुमार, रघुवीर सिंह बाली और संजय रत्न के नाम पर चर्चा चल रही है। लेकिन सुधीर शर्मा व चंद्र कुमार का फाइनल माना जा रहा है हालाकि कांगड़ा से आशीष बुटेल, भवानी पठानिया और केवल सिंह पठानिया भी अपनी लाबिंग करने में जुटे हुए हैं। सोलन, सिरमौर, चंबा, कुल्लू, किन्नौर और बिलासपुर से मंत्री तय करने के लिए हाईकमान को कोई ज्यादा दिक्कत नही आएगी। उच्चस्तरीय सूत्रों के मुताबिक पहले दस की जगह आठ मंत्री भी बनाए जा सकते हैं। दो पदों को मुख्यमंत्री सुक्खू फिलहाल खाली रख कर अन्य विधायकों को शांत रख सकते है। उन्मे अगली बार मंत्री बनने की आशा की किरण बनी रहेगी। सरकार के पास विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष के अलावा मुख्य सचेतक और सचेतक के पद भी हैं। इन पदों पर विधायकों की नियुक्ति कर सरकार क्षेत्रीय संतुलन बिठा सकती है।

प्रोटेम स्पीकर की शपथ 20 को भी हो सकती :
हिमाचल प्रदेश में प्रोटेम स्पीकर की शपथ अब 20 दिसंबर को हो सकती है। सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू के शिमला में उपस्थित न होने की स्थिति में इस शपथ समारोह का समय अब 19 के बजाय 20 दिसंबर किया जा सकता है। पहले यह शपथ समारोह 19 दिसंबर को दस बजे और उसके बाद शाम साढे़ पांच बजे तय किया था। अब यह दूसरे दिन के लिए टाला जा सकता है। इसकी वजह यह भी बताते हैं कि 19 दिसंबर को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का मोदी से मिलने का कार्यक्रम है। सुक्खू प्रधानमंत्री से शिष्टाचार भेंट करने के बाद लोटेगै।
हिमाचल प्रदेश में विधायकों को शपथ दिलाने के लिए जवाली के कांग्रेस विधायक चंद्र कुमार को प्रोटेम स्पीकर बनाया गया है। चंद्र कुमार धर्मशाला में विधायकों को शपथ दिलाएंगे। धर्मशाला के तपोवन में 22 दिसंबर से प्रदेश विधानसभा का शीत सत्र शुरू होने जा रहा है। यह सत्र 22 से 24 दिसंबर तक चलेगा। इसमें पहले दिन यानी 22 दिसंबर को सदस्यों का शपथ ग्रहण समारोह होगा। 23 दिसंबर को विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव होगा और राज्यपाल का अभिभाषण भी होगा। 24 दिसंबर को शोकोद्गार होगा। इसी दिन शासकीय और विधायी कार्य होंगे। राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का प्रस्तुतीकरण, चर्चा और पारण होगा।
फोटो : मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू वी उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के साथ अन्य विधायकों को राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा में राजस्थान में शामिल होने की है।

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