महिलाओं की सखी बनी वन स्टाप सेंटर योजना : कांगड़ा जिला में 231 पीड़ित महिलाएं हुई लाभांवित – डीसी

by

जिला प्रशासन महिलाओं की समस्याओं का त्वरित निदान कर रहा सुनिश्चित
धर्मशाला, 10 सितंबर: कांगड़ा जिला की महिलाओं के लिए सखी वन स्टाप सेंटर काफी मददगार साबित हो रहा है। जिला में करीब 231 महिलाएं सखी वन स्टाप सेंटर से लाभांवित भी हो चुकी हैं। जिला प्रशासन तथा पुलिस प्रशासन सखी वन स्टाप सेंटर के तहत प्राप्त शिकायतों सा समस्याओं का त्वरित निदान भी सुनिश्चित कर रहा है। उपायुक्त डा निपुण जिंदल ने बताया कि सखी वन स्टाप सेंटर के तहत किसी भी प्रकार की हिंसा से पीड़ित महिला को आपातकालीन प्रतिक्रिया और बचाव सेवाएं, कानूनी सहायता, पुलिस सहायता, चिकित्सा सहायता, मनोसामाजिक समर्थन, वीडियो कॉन्फ्रेसिंग सुविधा, साइकोलॉजिस्ट, 5 दिन का अस्थाई आश्रय और खाना-पीना निःशुल्क उपलब्ध करवाया जाता है।

वन स्टाप सेंटर में पीड़ित महिलाओं को मिल रही मदद:

उन्होंने बताया कि ‘‘वन स्टाप सेंटर’’ स्कीम का मतलब है एक ऐसी व्यवस्था, जहां हिंसा से पीड़ित कोई भी महिला सभी तरह की मदद एक ही छत के नीचे एक साथ पा सकती हैं। जहां मेडिकल ऐड, लीगल ऐड, अस्थाई रूप से रहने के लिए जगह, केस फाइल करने के लिए मदद, काउंसिलिंग सब कुछ एक ही जगह पर उपलब्ध होती है।
उन्होंने बताया कि ‘‘वन स्टॉप सेंटर’’ में किसी भी तरह की हिंसा झेल रही महिला, बलात्कार, लैंगिक हिंसा, घरेलू हिंसा, टैªफिकिंग, एसिड अटैक, विक्टिम, विच हंटिंग, दहेज संबंधित हिंसा, सत्ी, बाल यौन शोषण, बाल विवाह, भ्रूण हत्या जैसे मामलों से पीड़ित कोई भी महिला यहां जा सकती हैं। इस योजना का लाभ 18 वर्ष से कम उम्र की पीड़ित लड़कियों सहित सभी महिलाएं उठा सकती हैं।

सखी के नाम से भी जानी जाती है यह योजना:

‘‘वन स्टाप सेंटर’’ योजना हिंसा प्रभावित महिलाओं की सहायता और समर्थन करने के लिए शुरूआत की। इस योजना को ‘‘सखी’’ के नाम से भी जाना जाता है। योजना को लाने का मुख्य उद्देश्य किसी भी प्रकार की हिंसा से पीड़ित महिला को सुरक्षा प्रदान करने के लिए वन स्टॉप सेंटर में सहायता उपलब्ध करवाना है।

उपायुक्त ने बताया कि कांगड़ा जिला में वन स्टाप सेंटर योजना के तहत 39 महिलाओं को कानूनी सहायता, नौ महिलाओं को .चिकित्सा सहायता, .27 महिलाओं को.पुलिस सहायता, 130 महिलाओं को मनोवैज्ञानिक सामाजिक परामर्श तथा 24 महिलाओं को अस्थायी आश्रय तथा दो स्थायी आश्रय में भेजा गया है।
डपायुक्त ने बताया कि किसी भी प्रकार की सहायता के लिए वन स्टॉप सेंटर- हेल्पलाइन नम्बर 01892-227115 पर सम्पर्क किया जा सकता है।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
दिल्ली , पंजाब , राष्ट्रीय , हरियाणा , हिमाचल प्रदेश

केंद्र सरकार मैरिटल रेप को अपराध कहने के खिलाफ : सुप्रीम कोर्ट से कहा केंद्र सरकार ने – ये कानूनी नहीं सामाजिक मुद्दा, आपके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता

नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दाखिल कर मैरिटल रेप को अपराध घोषित करने की मांग वाली याचिकाओं का विरोध किया है। केंद्र ने कहा कि मैरिटल...
article-image
हिमाचल प्रदेश

15 किमी कम होगी कैथलीघाट से ढल्ली तक की दूरी : राज्यपाल ने किया कैथलीघाट स्थित शुंगल टनल का निरीक्षण

एएम नाथ। सोलन : राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने आज सोलन जिले के निकट कैथलीघाट स्थित शिमला बाईपास टनल 1 पोर्टल 2 शुंगल, शिमला का दौरा किया। उन्होंने टनल निर्माण का निरीक्षण किया और...
article-image
दिल्ली , पंजाब , हरियाणा , हिमाचल प्रदेश

157 डिफॉल्टर यूनिवर्सिटीज यूजीसी ने की जारी : लिस्ट में उन विश्वविद्यालयों के नाम शामिल हैं जो लोकपाल नियुक्त करने में विफल रहे

केंद्रीय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर डिफ़ॉल्ट राज्य विश्वविद्यालयों की अद्यतन सूची जारी की है। घोषणा के अनुसार, देश में कुल 157 विश्वविद्यालयों को डिफॉल्टर के रूप में पहचाना गया है। ...
article-image
हिमाचल प्रदेश

किसी भी प्रदेश की संस्कृति के संवर्धन व संवाहन के लिए युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण : राजेश धर्मानी

बिलासपुर : कैबिनेट मंत्री राजेश धर्मानी ने आज युवा सेवा एवम खेल विभाग हिमाचल प्रदेश द्वारा आयोजित 39वे राज्य स्तरीय युवा उत्सव 2023 के समापन अवसर पर बहुउद्देशीय सांस्कृतिक परिसर बिलासपुर में जनसभा को...
Translate »
error: Content is protected !!