अब मरीजों को दूर नहीं जाना पड़ेगा, घर के पास ही मिलेगी एक्स-रे की सुविधा – पोर्टेबल हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीन करेगी टी बी की जांच- DC आबिद हुसैन सादिक

by
अदानी फाउंडेशन ग्रुप के सहयोग से बिलासपुर को मिली पोर्टेबल हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीन
एएम नाथ।  बिलासपुर 06 सितम्बर- जिला को 2025 तक टी बी मुक्त बनाने के लिए प्रशासन की पहल। अब टी बी के संदिग्ध मरीज को टी बी एक्स-रे जांच के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा, उन्हें घर के पास ही इसकी सुविधा मिलेगी। जिला प्रशासन के लगातार प्रयासों के चलते अदानी फाउंडेशन ग्रुप के सहयोग से शुक्रवार को जिला बिलासपुर के लिए पहली पोर्टेबल हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीन प्राप्त हुई। इस मशीन की सहायता से अब स्वास्थ्य विभाग जिला के संदिग्ध टी बी रोगियों की पहचान आसानी से कर सकेगा।
उपायुक्त आबिद हुसैन सादिक ने जिला बिलासपुर को पोर्टेबल हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीन प्रदान करने के लिए एसीसी सिमंेट अदानी फाउडेशन ग्रुप का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक सुविधाओं से लैस यह मशीन जिला बिलासपुर को टी बी मुक्त बनाने के लिए काफी कारगर सिद्ध होगी। उन्होंने बताया कि टी बी एक्स-रे जांच के लिए अब मरीजों को दूर नहीं जाना पड़ेगा, उन्हें घर के पास ही एक्स-रे की सुविधा मिलेगी।
उन्होंने बताया कि बिलासपुर के क्षेत्रीय अस्पताल में पोर्टेबल हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीन पहुंच गई है। इस मशीन का शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्र के लोगों घर के नजदीक एक्स-रे की सुविधा मिलेगी, वही लक्षण सामने आने पर मरीज शीघ्र ही डॉक्टर के पास पहुंचकर अपना इलाज शुरू करवा सकेंगे। उन्होंने बताया कि आधुनिक तकनीक से लैस हाथ से चलने वाली एक्स-रे मशीन को कहीं भी आसानी से ले जाया जा सकता है। स्वास्थ्य शिविरों में यह मशीन काफी मददगार सिद्ध होगी। उन्होंने बताया कि व्यक्ति का एक्स-रे करने के उपरांत यह मशीन तुरंत अपनी रिपोर्ट देगी और कंफर्म करेगी की संबंधित व्यक्ति को टी बी है या नहीं।
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को शीघ्र ही बरमाणा क्षेत्र में स्वास्थ शिविर लगाने के निर्देश दिए तथा कहा कि लक्षण दिखने वाले व्यक्तियों का मौके पर ही पोर्टेबल हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीन से एक्सरे किया जाए तथा टी बी रोग की पुष्टि होने पर तत्काल प्रभाव से इलाज शुरू किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने यह भी निर्देश दिए की मशीन को चलाने के लिए ब्लॉक स्तर पर भी प्रशिक्षण दिलाया जाना चाहिए।
उन्होंने लोगों से भी आग्रह किया कि अधिक समय तक खांसी, खांसी के साथ बलगम आना, बलगम के साथ खून आना, वजन कम होना, भूख न लगना और हल्का बुखार आदि के लक्षण दिखाई दें तो इन्हे नजर अंदाज न करें, शीघ्र ही अपने स्वास्थ्य की जांच करवाएं।
इस मौके पर नॉर्थ जोन अदानी फाउंडेशन ग्रुप के हेड मुकेश सक्सेना ने कहा कि प्रदेश के कल्याण के लिए वह हिमाचल के साथ जुड़े हुए हैं, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के प्रति बचनबद्ध है ताकि अधिक से अधिक लोगों की मदद की जा सके। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में जब भी कभी आवश्यकता पड़े तो वह उनसे संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि ट्रेनिंग की आवश्यकता होगी तो वह भी दिलाने का प्रयास करेंगे।
इस मौक पर सहायक आयुक्त नरेन्द्र कुमार आहुलवालिया, डीआरओ देवी राम, क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर से डॉ अनन्त, डा0 तहसीन, डा0 दीपक, अदानी फाउडेशन के हितेन्द्र कपूर, हैड एचआर पदमनाभ शर्मा के अतिरिक्त अदानी फाउडेशन की अन्य टीम सदस्य उपस्थित रहे।
Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
पंजाब , हिमाचल प्रदेश

बांग्लादेश में हिंदुओं व अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु कड़े कदम उठाए भारत सरकार : डा. रमन घई

होशियारपुर l दलजीत अजनोहा : यूथ सिटीजन कौंसिल पंजाब की ओर से बांग्लादेश में हिंदुओं व अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों के प्रति रोष प्रगट करने के लिए बांग्लादेश सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन...
article-image
हिमाचल प्रदेश

शिवालिक आवासीय भवन निर्माण सभा ने मनाया वार्षिक समारोह

सोसायटी में सीसीटीवी कैमरे लगाने का लिया फैसला, हिम चंडीगढ़ में भी भू- भाग के लिए सोसायटी की ओर से किया जाएगा आवेदन, भू-भाग मिलने पर कालोनी बसाने पर होगा विचार बी बी एन,...
article-image
हिमाचल प्रदेश

लगातार जारी है प्रशासन की बाजारों में व्यवस्था सुधार की कवायद, डीसी ने मैहतपुर बाजार का किया दौरा

‘नो पार्किंग–नो वेंडिंग जोन’ निर्धारण के संबंध में संभावित स्थलों का लिया जायजा रोहित जसवाल।  ऊना, 5 दिसंबर. ऊना जिले के मुख्य बाजारों में अतिक्रमण और अव्यवस्थित पार्किंग पर नियंत्रण और सुव्यवस्था स्थापित करने...
article-image
दिल्ली , पंजाब , राष्ट्रीय , हरियाणा , हिमाचल प्रदेश

पंजाब यूनिवर्सिटी में सीनेट-सिंडिकेट भंग करने का फैसला रद्द : भारी विरोध के बीच बैकफुट पर केंद्र

चंडीगढ़ : पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) की सीनेट और सिंडिकेट में किए गए बदलाव का आदेश अब केंद्र सरकार ने वापस ले लिया है. ये निर्णय शिक्षा मंत्रालय ने उच्च स्तरीय समिति की सिफारिशों, वाइस-चांसलर,...
Translate »
error: Content is protected !!