आरटीआई एक्ट के तहत सूचना देना जन सूचना अधिकारी का कर्तव्यः सीआईसी

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ऊना : हिमाचल प्रदेश के मुख्य सूचना आयुक्त नरेंद्र चौहान ने सभी विभागों के जन सूचना अधिकारियों और प्रथम अपील अधिकारियों से कहा है कि आरटीआई एक्ट के तहत सूचना देना जन सूचना अधिकारी का दायित्व है। ऐसे में सभी जन सूचना अधिकारी मांगी गई सूचना पर तय समय सीमा के भीतर कार्यवाही करें। नरेंद्र चौहान ने यह बात आज यहां जिला परिषद सभागार में राज्य सूचना आयोग द्वारा जिला प्रशासन ऊना के सहयोग से सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए कही। इस कार्यशाला में जिला भर के जन सूचना अधिकारियों तथा प्रथम अपील अधिकारियों ने भाग लिया।
मुख्य सूचना आयुक्त ने कहा कि एक्ट के प्रावधानों के अनुरूप किसी भी सूचना को ना देने का स्पष्ट कारण लिखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम वर्ष 2005 में लागू हुआ तथा सरकारी व्यवस्था में पारदर्शिता व जवाबदेही लाने की दिशा में एक्ट एक बहुत बड़ा कदम है। सभी कार्यालय इस अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों की अनुपालना सुनिश्चित करें। चौहान ने कहा कि अगर सभी अधिकारी अपने कार्यालय से संबंधित विभिन्न योजनाओं और प्रक्रियाओं की जानकारी पारदर्शी ढंग से स्वयं ही विभिन्न माध्यमों जैसे-वेबसाइट, सूचना पट्ट इत्यादि पर आम जनता के समक्ष रखेंगे और इसे लगातार अपडेट करते रहेंगे, तो आम नागरिकों को आरटीआई के तहत आवेदन की जरुरत ही नहीं पड़ेगी।
नरेंद्र चौहान ने कहा कि जन सूचना अधिकारी को आवेदनों पर तुरंत निर्णय लेना चाहिए। अगर यह आवेदन दूसरे कार्यालय को हस्तांतरित किया जाना है या वांछित सूचना आरटीआई एक्ट के दायरे में नहीं आती है, तो उस पर भी अधिकारी अपने विवेक के अनुसार निर्णय लें। हर कार्यालय में आरटीआई आवेदनों से संबंधित एक अलग रजिस्टर रखा जाना चाहिए।
कार्यशाला में सेवानिवृत्त अतिरिक्त मुख्य सचिव अजय मित्तल ने भी अधिकारियों से कहा कि आरटीआई एक्ट एक बहुत ही सरल एवं स्पष्ट कानून है। उन्होंने इस अधिनियम के विभिन्न पहलुओं को विस्तार से समझाया। इस अवसर पर पूर्व मुख्य सूचना आयुक्त भीमसेन ने भी एक्ट के विभिन्न प्रावधानों पर प्रकाश डाला।
इससे पहले अतिरिक्त उपायुक्त ऊना डॉ. अमित कुमार शर्मा ने मुख्य सूचना आयुक्त और सभी वक्ताओं का स्वागत किया तथा कार्यशाला के आयोजन के लिए राज्य सूचना आयोग का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर मुख्य सूचना आयुक्त और अन्य वक्ताओं ने प्रतिभागी अधिकारियों के प्रश्नों के उत्तर भी दिए तथा शंकाओं का समाधान किया।

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