अफ्रीकी महिला समेत 4 गिरफ्तार : अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी गिरोह का पर्दाफाश …ISI कनेक्शन का सनसनीखेज खुलासा

by

चंडीगढ़ पुलिस के ऑपरेशन सेल ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसका सीधा कनेक्शन पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़ा पाया गया है। इस ऑपरेशन में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें एक अफ्रीकी महिला भी शामिल है। पुलिस ने इनसे 297.40 ग्राम हेरोइन, 100 कोकीन क्रैक बॉल्स, एक देसी कट्टा, ₹5200 ड्रग मनी और एक स्विफ्ट कार बरामद की है। गिरोह पाकिस्तान से ड्रग्स मंगवाकर चंडीगढ़ और पंजाब में सप्लाई कर रहा था, और इस धंधे से मिली रकम हवाला के जरिए पाकिस्तान भेजी जा रही थी।

ISI से जुड़े तार, पाकिस्तान से सप्लाई : एसएसपी कंवरदीप कौर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि गिरोह का सरगना गुरलाल उर्फ लाला, जो इस समय गोविंदवाल जेल में बंद है, वहीं से पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहा था। जांच में खुलासा हुआ कि वह आकाशदीप उर्फ आकाश और शमशेर सिंह उर्फ शेरा के जरिए चंडीगढ़-पंजाब में नशे का कारोबार चला रहा था।

पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह सिर्फ ड्रग तस्करी ही नहीं, बल्कि जासूसी गतिविधियों में भी शामिल था। इस नेटवर्क से मिली रकम ISI समर्थित चैनलों के जरिए पाकिस्तान भेजी जा रही थी, जिससे मामले का राष्ट्रीय सुरक्षा से गहरा जुड़ाव सामने आया है।

गुप्त सूचना पर पुलिस का ऑपरेशन, अफ्रीकी महिला भी गिरफ्तार : पुलिस को सूचना मिली थी कि चंडीगढ़ में दो अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्कर गिरोह सक्रिय हैं। इस पर 24 मार्च को सेक्टर-43 बस स्टैंड के पास नाका लगाकर पुलिस ने आकाशदीप को गिरफ्तार किया और उसके पास से 297.40 ग्राम हेरोइन बरामद की। पूछताछ में उसने शमशेर सिंह का नाम लिया, जिसे पुलिस ने भगवापुर गांव (तरनतारण) से गिरफ्तार किया। इसके बाद, 25 मार्च को सेक्टर-17 बस स्टैंड पर घेराबंदी कर पुलिस ने तंजानिया की नागरिक शुफा उर्फ शुफी को गिरफ्तार किया। उसके पास से 100 कोकीन क्रैक बॉल्स मिलीं। एसएसपी कंवरदीप कौर ने बताया कि शुफा पहले भी ड्रग तस्करी के मामले में पकड़ी जा चुकी थी और हाल ही में जमानत पर रिहा हुई थी।

ISI जासूसी नेटवर्क से भी जुड़े थे आरोपी :  एसएसपी कंवरदीप कौर ने खुलासा किया कि शमशेर सिंह और गुरलाल हाल ही में राजस्थान में सामने आए ISI जासूसी कांड से भी जुड़े पाए गए हैं। इस मामले में पाकिस्तानी एजेंट ने रेलवे कर्मचारी भवानी सिंह को हनीट्रैप में फंसाकर सेना से जुड़ी संवेदनशील जानकारी हासिल की थी। पुलिस को शक है कि ड्रग तस्करी की आड़ में यह गिरोह पाकिस्तान को खुफिया जानकारी भी भेज रहा था। इस गिरोह के हवाला नेटवर्क और विदेशी संपर्कों की जांच की जा रही है।

गिरोह का पूरा नेटवर्क खंगाल रही पुलिस :  चंडीगढ़ पुलिस अब इस गिरोह की फंडिंग, हवाला नेटवर्क और पाकिस्तान के संपर्कों की विस्तृत जांच कर रही है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट और आर्म्स एक्ट के तहत मामले दर्ज किए हैं। एसएसपी कंवरदीप कौर ने बताया कि इस गिरोह के कुछ और बड़े सरगना अभी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
दिल्ली , पंजाब , हरियाणा , हिमाचल प्रदेश

मुख्यमंत्री ने गुरुद्वारा श्री बभौर साहिब में मत्था टेका : अरदास की प्रदेश के विकास और खुशहाली के लिए

नंगल  : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बुधवार को गुरुद्वारा श्री बभौर साहिब में मत्था टेका और प्रदेश के लोगों की समर्पण भावना से सेवा करने के लिए परमात्मा से आशीर्वाद मांगा।...
article-image
पंजाब , हरियाणा

बेटी का था जन्मदिन : पति-पत्नी और 3 साल की बेटी ने की आत्महत्या

कुरुक्षेत्र :  हरियाणा के कुरुक्षेत्र की प्रेम नगर कॉलोनी से एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहाँ सोमवार की सुबह एक ही परिवार के तीन सदस्यों-पति, पत्नी और उनकी 3...
article-image
पंजाब

भारतीय सेना द्वारा नन्हे योद्धा को सशक्त बनाने की पहल : मास्टर सवर्ण सिंह

जालंधर/दलजीत अजनोहा समर्थन और सशक्तिकरण के एक सौहार्द कदम का परिचय देते हुए, भारतीय सेना के गोल्डन एरो डिवीजन ने नन्हे योद्धा सवर्ण सिंह के भविष्य को संवारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उसके असाधारण साहस और दृढ़ता को देखते हुए, भारतीय सेना ने मास्टर सवर्ण की शिक्षा को पूरी तरह से प्रायोजित करने की प्रतिबद्धता जताई है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वित्तीय बाधाएँ उसके विकास और आकांक्षाओं में बाधा न बनें। फिरोजपुर छावनी में एक विशेष समारोह के दौरान, पश्चिमी कमान के जीओसी-इन-सी, लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार ने मास्टर सवर्ण को व्यक्तिगत रूप से सम्मानित किया,और पंजाब के लोगों के साथ भारतीय सेना के अटूट संबंध और अगली पीढ़ी के प्रति अपनी गहरी जिम्मेदारी की भावना को दर्शाया। यह पहल न केवल देश की सीमाओं की रक्षा करने, बल्कि उसके भविष्य को संवारने की सेना की वचनबद्धता का प्रमाण है। सवर्ण की कहानी देश भर के उन वीरों की याद दिलाती है जो सम्मान और समर्थन के हकदार हैं। इस पहल के तहत, सवर्ण को व्यापक शैक्षिक सहायता सुनिश्चित की जाएगी। भारतीय सेना का गोल्डन एरो डिवीजन, सवर्ण की स्कूली शिक्षा के सभी पहलुओं को, प्रवेश से लेकर शैक्षणिक आवश्यकताओं तक, कवर करेगा। इसका उद्देश्य सवर्ण को उसकी शैक्षिक यात्रा में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए आवश्यक अवसर और संसाधन प्रदान करना है। लेफ्टिनेंट जनरल कटियार ने इस बात पर ज़ोर दिया कि हमारी सेना मास्टर सवर्ण की भविष्य की यात्रा में हर कदम पर उसके साथ खड़ी है, और उन्होंने इस नन्हें योद्धा के उज्जवल भविष्य के निर्माण में इस साझेदारी के महत्व को रेखांकित किया। यह पहल न केवल भारतीय सेना की अपने नागरिकों के कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है, बल्कि करुणा और समर्थन का एक प्रेरक उदाहरण भी प्रस्तुत करती है। Share     
Translate »
error: Content is protected !!