मंत्री विक्रमादित्य सिंह के बैंक खाते से ठगी का प्रयास….ऐसे टली लाखों की धोखाधड़ी

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एएम नाथ । शिमला :  प्रदेश सरकार के मंत्री विक्रमादित्य सिंह के बैंक खाते से लाखों रुपये की ठगी का प्रयास किया गया। गनीमत रही कि बैंक अधिकारी की समझदारी से समय रहते सतर्कता बरती गई और एक बड़ी ठगी टल गई। यूको बैंक विधानसभा शाखा की चीफ मैनेजर प्रिया छाबड़ा की शिकायत पर इस संबंध में शिमला के थाना बालूगंज में बीएनएस की धारा 319(2) व 62 के अंतर्गत अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

शिकायत के मुताबिक, यूको बैंक में मंत्री विक्रमादित्य सिंह के नाम से खाता संचालित है। बीते शनिवार को बैंक शाखा में एक कॉल आया, जिसमें कॉलर ने खुद को सचिवालय कार्यालय से बताया और मंत्री विक्रमादित्य सिंह के खाते की शेष राशि की जानकारी मांगी। यही नहीं कॉलर ने मंत्री के किसी कार्य विशेष के लिए खाते से 7,85,521 रुपये का आरटीजीएस ट्रांसफर करने का भी अनुरोध किया।

हालांकि, ब्रांच मैनेजर प्रिया छाबड़ा को इस पर कुछ शक हुआ। उन्होंने इसकी पुष्टि करने के लिए मंत्री विक्रमादित्य सिंह के निजी सचिव (पीएस) के संज्ञान में यह बात लाई। इसके बाद पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकी कि मंत्री के स्टाफ से इस तरह की कोई कॉल नहीं की गई। बैंक ने फौरन कैश ट्रांसफर प्रक्रिया रोक दी, जिससे यह बड़ा फर्जीवाड़ा टल गया। बैंक की सतर्कता और मंत्री के कार्यालय की समय रहते की गई प्रतिक्रिया से यह साइबर ठगी सफल नहीं हो पाई। शिमला शहर के डीएसपी शक्ति चंद ने मामले की पुष्टि करते हुए रविवार को बताया कि पुलिस ने कॉल करने वाले अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कॉल डिटेल्स व तकनीकी पहलुओं के माध्यम से आरोपी की पहचान की जा रही है।

शिमला में साइबर ठगी के बढ़ते मामले :  शहर में यह पहला मामला नहीं है, जब किसी व्यक्ति से ऑनलाइन ठगी का प्रयास किया गया हो। हाल ही में शिमला के एक युवक से सेक्सटॉर्शन के जरिये आठ लाख रुपये की ठगी की गई थी। अज्ञात व्यक्ति ने पीड़ित युवक से पहले दोस्ती की और फिर वीडियो कॉल के जरिये आपत्तिजनक क्लिप बना ली और बाद में उसे वायरल करने की धमकी देकर रकम ऐंठ ली। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया है, लेकिन अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

साइबर अपराध विशेषज्ञों का कहना है कि शिमला जैसे शांत शहर में अब ऐसे अपराध बढ़ते जा रहे हैं क्योंकि लोग ऑनलाइन माध्यमों के प्रति सजग नहीं हैं। बैंक और पुलिस प्रशासन समय-समय पर सतर्कता बरतने की अपील करता रहा है, लेकिन इसके बावजूद कई लोग ठगों का शिकार बन जाते हैं।

पुलिस की अपील- सतर्क रहें, जानकारी साझा न करें

शिमला पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि कोई भी बैंकिंग या व्यक्तिगत जानकारी किसी अज्ञात कॉलर को न दें। अगर कोई व्यक्ति खुद को किसी संस्था, कार्यालय या बैंक का प्रतिनिधि बताकर आपसे खाते की जानकारी या पैसे ट्रांसफर करने की मांग करता है तो तुरंत उसकी पुष्टि करें और पुलिस को सूचित करें। पुलिस के साइबर सेल की मानें कि अधिकतर मामलों में लोग डर, हड़बड़ाहट या अज्ञानता के चलते ठगों के झांसे में आ जाते हैं। मंत्री विक्रमादित्य सिंह के खाते से ठगी का प्रयास भी एक बड़ा संकेत है कि अब किसी को भी सुरक्षित मान लेना गलती होगी।

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