CID जांच में हुया खुलासा : मुख्यमंत्री सिंह सुक्खू के लिए मंगाए गए समोसे उनके स्टाफ को क्यों परोसे गए?

by

एएम नाथ / रोहित भदसाली : शिमला। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के लिए लाए गए समोसे से जुड़ी एक हालिया घटना ने विवाद को जन्म दे दिया है। समोसे गलती से मुख्यमंत्री के बजाय उनके सुरक्षा कर्मचारियों के पास पहुंच गए, जिसकी सीआईडी ​​जांच करवाई गई तो जांच में इस गलती को “सरकार विरोधी” कृत्य करार दिया गया। अब इस मामले पर भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर तंज कसा है। भाजपा विधायक और मीडिया विभाग के प्रभारी रणधीर शर्मा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की जनता परेशान है और हंसी की बात तो यह है कि सरकार को मुख्यमंत्री के समोसे की चिंता है। ऐसा लगता है कि सरकार को किसी भी विकासात्मक कार्यों की चिंता नहीं है, केवल मात्र खानपान की चिंता है।

21 अक्टूबर को सीआईडी ​​मुख्यालय में जब मुख्यमंत्री के दौरे के लिए लक्कड़ बाज़ार स्थित होटल रेडिसन ब्लू से समोसे और केक के तीन डिब्बे मंगवाए गए। लेकिन, ये नाश्ते सीएम की जगह उनकी सुरक्षा टीम को परोस दिए गए। डिप्टी एसपी रैंक के एक अधिकारी ने इस गड़बड़ी की जांच की। रिपोर्ट के अनुसार, आईजी रैंक के एक अधिकारी ने एक सब-इंस्पेक्टर (एसआई) को सीएम के लिए नाश्ता खरीदने का निर्देश दिया। फिर एसआई ने एक एएसआई और एक हेड कांस्टेबल को होटल से नाश्ता लाने का काम सौंपा। उन्होंने तीन सीलबंद डिब्बे में नाश्ते लाए और एसआई को इसके बारे में बताया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने ड्यूटी पर मौजूद पर्यटन विभाग के कर्मचारियों से इस बारे में सलाह ली कि क्या ये स्नैक्स मुख्यमंत्री के लिए थे। उन्हें बताया गया कि ये आइटम उनके लिए बनाए गए मेनू का हिस्सा नहीं थे, जिससे भ्रम की स्थिति और बढ़ गई। जांच में पता चला कि सिर्फ एसआई को ही पता था कि ये डिब्बे खास तौर पर सीएम सुक्खू के लिए थे। जब इन्हें महिला इंस्पेक्टर को सौंपा गया तो उन्होंने किसी वरिष्ठ अधिकारी से पुष्टि नहीं की और इन्हें नाश्ते के लिए जिम्मेदार मैकेनिकल ट्रांसपोर्ट (एमटी) सेक्शन को भेज दिया।

इस गलती के कारण इन बक्सों को उनके उचित व्यक्ति तक पहुंचने से पहले कई हाथों इधर से उधर हुए। रिपोर्ट में कहा गया है कि समन्वय की यह कमी इस गलती का एक महत्वपूर्ण कारण थी। सीआईडी ​​विभाग के एक अधिकारी ने एक लिखित नोट में इस घटना पर चिंता व्यक्त की। नोट में जांच रिपोर्ट में नामित लोगों पर सीआईडी ​​और सरकारी हितों के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया गया है। यह घटना हिमाचल प्रदेश के सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। दरअसल, मुख्यमंत्री जैसे वीवीआईपी से जुड़े कार्यक्रम में इस तरह की तालमेल की दिक्कत होने से सरकारी तंत्र की फजीहत होती है।

सियासी गलियारों में चर्चा का विषय :   भाजपा नेता ने कहा कि सीआईडी विभाग के एक अधिकारी ने एक लिखित नोट में इस घटना पर चिंता व्यक्त की।   नोट में जांच रिपोर्ट में नामित लोगों पर सीआईडी और सरकारी हितों के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया गया है।  यह घटना हिमाचल प्रदेश के सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।  भाजपा नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री जैसे वीवीआईपी से जुड़े कार्यक्रम में इस तरह की तालमेल की दिक्कत होने से सरकारी तंत्र की फजीहत होती है।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
पंजाब

मोदी सरकार अडिय़ल रवैया छोड तीनों कृषि कानून रद्द करें नहीं तो पच्छिमी बंगाल जैसा हशर उत्तर प्रदेश में भी होगा : हरपुरा

गढ़शंकर। किसान संघर्ष को लेकर मोदी सरकार दुारा अडिय़ल रैवया अपनाने के कारण आल इंडिया जाट महासभा व भारतीय किसान युनियन के राष्ट्रीय नेता राकेश टिकैत व चौधरी युद्धवीर सिंह ने पच्छिमी बंगाल में...
article-image
पंजाब

पंजाब में राशन कार्ड बनवाने के लिए सरकार लॉन्च करेगी नया पोर्टल : योजना को प्रदेशभर में 18 हजार डिपो होल्डरों तक पहुंचाया जाएगा

चंड़ीगढ़ : पंजाब में अवैध रूप से सरकारी राशन लेने वालों के खिलाफ प्रदेश की सरकार ने अहम कदम उठाया है। पंजाब के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने कहा कि...
article-image
पंजाब

मैडीशनल पौदे लगाए समाज सेविका विजय शीरा ने

चंडीगढ़ : चंडीगढ़ की सडक़ों के साथ रिक्त पड़ी जगहों पर समाज सेविका व वतावरण प्रेमी विजय शीरा ने मैडीशनल पौदे लगाकर लोगो को नई प्रेरणा देते हुए कहा कि मैडीशनल यहां वातावरण को...
article-image
हिमाचल प्रदेश

नाहन विधानसभा सीट : कपिल गर्ग उर्फ मोंटी व सोनू सैनी के बीच लगी 2-2 लाख की शर्त की चर्चा

नाहन। हिमाचल की नाहन विधानसभा सीट इस बार चर्चाओं में है। 12 नवंबर को मतदान के बाद भाजपा व कांग्रेस के कार्यकर्ता अपनी अपनी नेताओं की जीत को लेकर आश्वस्त हैं। दोनों दलों के...
Translate »
error: Content is protected !!