चंडीगढ़ : अगर आप अपनी डिग्री पूरी नहीं कर पाए और री-अपीयर का कोई विकल्प भी नहीं बचा, तो अब आपके लिए राहत की खबर है। पंजाब यूनिवर्सिटी ने ऐसे विद्यार्थियों को गोल्डन चांस देने का फैसला किया है। इसके तहत छात्र 12 फरवरी से 11 मार्च तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। परीक्षाएं अप्रैल-मई 2026 में कराई जाएंगी।
यह मौका यूजी, पीजी और प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों के उन छात्रों के लिए है, जो निर्धारित अवधि में अपनी डिग्री पूरी नहीं कर सके थे। परीक्षाएं पूरी तरह ऑफलाइन मोड में कराई जाएंगी। ट्रोलर ऑफ एग्ज़ामिनेशन प्रोफेसर जगत भूषण ने बताया कि यूजी कोर्स करने वाले छात्रों के लिए यह मौका 2014 और उसके बाद प्रवेश लेने वालों को मिलेगा। वहीं पीजी और प्रोफेशनल कोर्स के छात्रों के लिए यह सुविधा 2011 और उसके बाद दाखिला लेने वालों के लिए होगी। इन छात्रों की परीक्षाएं अप्रैल-मई 2026 में होने वाली सेमेस्टर परीक्षाओं के साथ ही कराई जाएंगी। अभी छात्र केवल ईवन सेमेस्टर के पेपरों के लिए ही आवेदन कर सकते हैं, जिनमें दूसरा, चौथा, छठा और आठवां सेमेस्टर शामिल हैं। दसवां सेमेस्टर भी इस गोल्डन चांस में शामिल किया गया है।
जिन विद्यार्थियों के पास री-अपीयर का कोई भी मौका अब शेष नहीं है, वे पंजाब यूनिवर्सिटी द्वारा दिए गए इस गोल्डन चांस का लाभ उठा सकते हैं। ऐसे छात्र री-अपीयर, कंपार्टमेंट, पूरा विषय, नंबर सुधार, अतिरिक्त विषय और अधूरे या छूटे हुए प्रैक्टिकल पेपर के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन केवल ऑनलाइन तरीके से ही किए जाएंगे। यूजी पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन पोर्टल ugexam.puexam.in और पीजी व प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों के लिए pgexam.puexam.in रहेगा। यह पोर्टल 12 फरवरी 2026 से खुलेगा और 11 मार्च 2026 तक आवेदन किए जा सकेंगे। फीस की बात करें तो यूजी पाठ्यक्रमों के लिए प्रति सेमेस्टर 7,500 रुपए और पीजी व प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों के लिए प्रति सेमेस्टर 15,000 रुपए शुल्क तय किया गया है। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को फीस में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।
