पानीपत निवासी 22 वर्षीय चैतन्य सिंह की मौत, कारण स्पष्ट नहीं
चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी (PU) कैंपस में छात्र संघ चुनाव प्रचार के अंतिम दिन शनिवार रात बॉयज हॉस्टल नंबर-4 के एक कमरे में 22 वर्षीय छात्र चैतन्य सिंह मृत मिला। चैतन्य सिंह मूल रूप से पानीपत का रहने वाला था और पंजाब यूनिवर्सिटी में बीएएलएलबी के पांचवें वर्ष की पढ़ाई कर रहा था। वह छात्र राजनीति और चुनावी गतिविधियों में भी सक्रिय बताया जा रहा है।
परिजनों के अनुसार, चैतन्य शनिवार सुबह से फोन नहीं उठा रहा था। लगातार संपर्क नहीं होने पर उसके साथी छात्रों ने रात करीब आठ बजे हॉस्टल स्थित उसके कमरे का रुख किया। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। काफी देर तक आवाज देने के बावजूद दरवाजा नहीं खुला तो छात्रों ने दरवाजा तोड़ा। अंदर चैतन्य मृत अवस्था में मिला।
सुरक्षा गार्ड और छात्रों की मदद से उसे कमरे से बाहर निकाला गया और एंबुलेंस के माध्यम से पीजीआई इमरजेंसी पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
CFSL टीम ने कमरे से जुटाए साक्ष्य
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। रात करीब पौने 11 बजे सीएफएसएल की टीम को भी हॉस्टल बुलाया गया। टीम ने कमरे की जांच कर फिंगरप्रिंट समेत अन्य जरूरी साक्ष्य जुटाए।
पुलिस ने चैतन्य का मोबाइल फोन और कमरे में मौजूद कुछ सामान कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, मौके से फिलहाल कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
‘बहुत मिलनसार था चैतन्य’
चैतन्य के रूममेट अंश ने बताया कि दोनों एक ही कमरे में रहते थे। उसके अनुसार चैतन्य बेहद मिलनसार था और उसने कभी ऐसी कोई बात नहीं की, जिससे लगे कि वह किसी परेशानी से गुजर रहा है।
चैतन्य के चचेरे भाई गुलशन ने बताया कि वह पढ़ाई को लेकर गंभीर था और उसका सपना अच्छा वकील बनने का था। वह घर पर कम ही आता था। परिवार को समझ नहीं आ रहा कि आखिर ऐसी क्या परिस्थिति बनी, जिसके चलते उसकी मौत हुई।
छात्र राजनीति में भी सक्रिय था
चैतन्य छात्र राजनीति और विश्वविद्यालय की चुनावी गतिविधियों में सक्रिय रहता था। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष एडवोकेट आशीष बिनोई और हॉस्टल वार्डन डॉ. नवीन कुमार के अनुसार, चैतन्य मिलनसार, सक्रिय और होनहार छात्र था। बताया गया कि करीब दो महीने पहले हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के चुनाव में भी उसने सक्रिय भूमिका निभाई थी।
छात्रों और शिक्षकों के मुताबिक, चैतन्य सामान्य व्यवहार करता था और उसके व्यवहार से ऐसा प्रतीत नहीं होता था कि वह किसी परेशानी में है। उसकी मौत की खबर से साथी छात्र और शिक्षक स्तब्ध हैं।
मोबाइल और CCTV फुटेज की जांच
घटना की जानकारी मिलने पर पीयू चीफ प्रॉक्टर प्रो. वाईपी वर्मा और चीफ ऑफ यूनिवर्सिटी सिक्योरिटी विक्रम सिंह भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया, जिसके बाद परिवार शव लेकर पानीपत रवाना हो गया।
पुलिस के अनुसार, मौत का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के बाद स्थिति साफ होने की उम्मीद है। पुलिस चैतन्य के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल, चैट और हॉस्टल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की भी जांच कर रही है।
