अनिल अंबानी के खिलाफ सीबीआई ने दर्ज की नई एफआईआर : 2 बैंको से 1085 करोड़ की बैंक धोखाधड़ी से जुड़ा है मामला

by

नई दिल्ली।:  सीबीआई ने उद्योगपति अनिल अंबानी, रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड और कंपनी की एक पूर्व निदेशक के खिलाफ ₹1,085 करोड़ से अधिक की कथित बैंक धोखाधड़ी के संबंध में एक नया आपराधिक मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई पंजाब नेशनल बैंक की शिकायत के आधार पर की गई है। सीबीआई  ने यह मामला 5 मार्च को दर्ज किया। पंजाब नेशनल बैंक ने आरोप लगाया है कि उधारकर्ताओं ने साल 2013 से 2017 के बीच दो सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के साथ धोखाधड़ी की। शिकायत के अनुसार, इस कथित घोटाले के कारण PNB और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया (जिसका अब PNB में विलय हो चुका है) को कुल ₹1,085.19 करोड़ का नुकसान हुआ है।

यह एफआईआर  मुंबई में पीएनबी की ‘स्ट्रेस्ड एसेट्स मैनेजमेंट’ शाखा के मुख्य प्रबंधक संतोषकृष्ण अन्नवरपु की शिकायत पर आधारित है।

धोखाधड़ी और फंड की हेराफेरी के आरोप :  एफआईआर में अनिल अंबानी, रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड और कंपनी की पूर्व निदेशक मंजरी अशोक काकर को आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि इन लोगों ने ऋण सुविधाएं प्राप्त करने के लिए साजिश रची और बाद में ऋण राशि का दुरुपयोग किया या उसे अन्यत्र डायवर्ट (Divert) कर दिया।

किस बैंक को कितना नुकसान? पंजाब नेशनल बैंक: ₹621.39 करोड़ ,यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया: ₹463.80 करोड़

2017 में NPA घोषित हुए थे खाते

जांच एजेंसी के अनुसार, उधारकर्ताओं ने बैंकों से ऋण लिया लेकिन बाद में ऋण की शर्तों और वित्तीय अनुशासन का उल्लंघन किया। इसके चलते 2017 में इन ऋण खातों को गैर-निष्पादित संपत्ति (NPA) घोषित कर दिया गया था। बाद में, BDO इंडिया LLP द्वारा किए गए एक फोरेंसिक ऑडिट (Forensic Audit) में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। ऑडिट रिपोर्ट में बैंक फंड के डायवर्जन और संबंधित पक्षों (Related Parties) के साथ संदिग्ध लेनदेन का खुलासा हुआ, जिसके बाद फरवरी 2021 में इन खातों को ‘धोखाधड़ी’ (Fraud) के रूप में वर्गीकृत किया गया।

कानून की इन धाराओं के तहत मामला दर्ज

CBI ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 120B (आपराधिक साजिश) और 420 (धोखाधड़ी) के साथ-साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है। FIR में कुछ अज्ञात व्यक्तियों और सरकारी अधिकारियों को भी इस साजिश में शामिल होने के संदेह में नामजद किया गया है।

गौरतलब है कि रिलायंस कम्युनिकेशंस, जो कभी देश की बड़ी टेलीकॉम कंपनियों में शुमार थी, भारी कर्ज और वित्तीय संकट के कारण पिछले कुछ वर्षों से दिवालियापन (Insolvency) की प्रक्रिया से गुजर रही है।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
दिल्ली , पंजाब , हरियाणा , हिमाचल प्रदेश

आंगनवाड़ी वर्कर व हेल्पर अपनी मांगों को लेकर 14 नवंबर को मुख्यमंत्री भगवंत मान के आवास और 18 नवंबर को केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के घर का करेगी घेराव – लखविंदर कौर उस्मानपुर

नवांशहर। आंगनवाड़ी कर्मचारी यूनियन (सीटीयू) की जिला इकाई की मीटिंग जिला प्रधान बलजीत कौर मालपुरी की अध्यक्षता में हुई। जिसमें बिभिन्न मांगों व समस्याओं पर चर्चा करने के इलावा 14 नवंबर को पंजाब के...
article-image
हिमाचल प्रदेश

मुख्यमंत्री ने सोलन विधानसभा क्षेत्र में 27.43 करोड़ रुपये के किए लोकार्पण एवं शिलान्यास

एएम नाथ।  सोलन  : मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सोलन विधानसभा क्षेत्र के अपने एक दिवसीय दौरे के दौरान 27.43 करोड़ रुपये की लागत की 5 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास किए।...
article-image
पंजाब

माता चिंतपूर्णी मेला 17 अगस्त से शुरु : DC ने हिमाचल प्रदेश के अधिकारियों के साथ की बैठक, मेले के दौरान डी.जे व सिंगल यूज प्लास्टिक पर रहेगी पूर्ण पाबंदी

होशियारपुर, 12 अगस्त:    17 अगस्त से शुरु होने जा रहे माता चिंतपूर्णी मेले के प्रबंधों संबंधी डिप्टी कमिश्नर होशियारपुर कोमल मित्तल ने जिले के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ ऊना जिला(हिमाचल प्रदेश) के अधिकारियों...
Translate »
error: Content is protected !!