कंडी नहर में गांव खानपुर में सौ फुट से ज्यादा पड़ी दरार , खेतों में खड़ी फसलों को पहुंचा भारी नुक्सान , बारिश दोबारा हुई तो तो गाँवो में घुस सकता पानी

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एसडीएम और तहसीलदार का नंबर नॉट रीचबल ,
गढ़शंकर : भारी बारिश से पहाड़ों में से पानी ज्यादा आने पर गत बर्ष की तरह गांव खानपुर में कंडी नहर में एक बार फिर से सौ फुट से ज्यादा दरार पड़ गई है। जिसके बाद कई गाँवो के किसानो की खेतो में खड़ी फसल को भारी नुक्सान हुया । अगर बारिश दोबारा शुरू हो गई तो गांव रामपुर , बिल्डों व कई अन्य गांवों में भी पानी घुस सकता है। ढेर शाम तक प्रशासन और कंडी नहर की और से नहर में पड़ी दरार को रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया था।
कंडी नहर में दरार पड़ने से भारी मात्रा में पानी तेज बहाव के चलते गांव रामपुर, बिल्डों व अन्य गांवों के खेतों में पहुंचने से खेतो में खड़ी फसल को भारी नुकसान पहुंचा। इसके इलावा खेतो सफेदे व् अन्य बृक्षों को भी पानी ने नुक्सान पहुँचाया। इसके इलावा जेजों गढ़शंकर लीकन रोड़ में दरार पद गई। करीब एक दर्जन गांवों की सड़को को नुकसान पहुंचने के इलावा खड्डों के पानी भरने से बाढ़ के हालात बन चुके है।
बारिश का भरी मात्रा में पहाड़ों से पानी आने के पीछे हिमाचल प्रदेश को क्रशरों को नियमों को दरकिनार कर पहाड़ों में दिए रास्ते को बताया जा रहा है। इसके इलावा कंडी नहर के अधिकारीयों द्वारा कंडी नहर में पहले दरार पड़ने के बावजूद पहाड़ों से आने वाले बारिश के पानी को रोकने के लिए ना तो कोई प्रबंध किया गया और ना ही नहर को इतना मजबूत करने की कोशिश की गई कि नहर पानी के तेज बहाव को सहन कर सके।
राकेश कुमार , जगतार सिंह ,विनोद राणा, लखविंदर सिंह , वरिंदर सिंह ने कहा के बारिश दोबारा शुरू हो गई तो पानी गांव में घुस जायेगा और भारी नुक्सान पहुंचा सकता है। प्रशासन को तुरंत गांवों में पानी घुसने से बचने के प्रबंध करना चाहिए और फसलों को हुए नुक्सान का मुयावजा दिया जाए।
कामरेड दर्शन सिंह मट्टू और गुरनेक सिंह भज्जल ने कहा के प्रशासन और सबंधित विभाग ने बाढ़ रोकने के लिए कुछ नहीं किया। कंडी नहर में दरार पड़ने से किसानो द्वारा खेतों में बोई सब्जिया व अन्य फसलों का भारी नुक्सान हुआ है। सरकार किसानो को खराब फसल का मुआवजा दें। कंडी नहर के साथ लगते डेड दर्जन गांवों में पानी भरने के पीछे हिमाचल प्रदेश में लगे क्रेशरों को पहाड़ों में नियमों को ताक पर रख दिया रास्ता है। क्योकि प्रकृतिक बारिश के पानी के रस्ते बंद हो गए और पानी कुछ जगह इकठा होकर कंडी नहर और खेतों और गांवों में घुस जाता है।
एसडीएम शिवराज सिंह बल और तहसीलदार लखविंदर सिंह के मोबाइल नंबर पर वर्शन लेने के लिए बार बार सम्पर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उनका नंबर बार बार नॉट रीचबल आता रहा।
कंडी नहर के एसडीओ हरिशरण से सम्पर्क किया तो उन्होनों कहा के मेरी रीच वो नहीं है लेकिन जिस एसडीओ की वो रीच है। उक्त एसडीओ वहां पर इस समय मौजूद है।
फोटो : नहर में पड़ी दरार से भरी मात्रा में तेज बहाव से निकलता पानी और खेतों में खड़ा पानी और पानी के तेज बहाव से टूटी जेजों गढ़शंकर सड़क ।

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