पत्नी कंचनप्रीत कौर का नाम 2025 के उपचुनाव विवाद में भी आया था
चंडीगढ़/तरनतारन । कनाडा में पंजाब के वांछित गैंगस्टर अमृतपाल सिंह बाठ को गिरफ्तार किए जाने की खबर सामने आई है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि बाठ कनाडा के सरी शहर में कथित तौर पर ‘हरप्रीत सिंह’ नाम की पहचान का इस्तेमाल कर रह रहा था। उसके पास से दो यूरोपीय देशों के पासपोर्ट मिलने की बात भी कही जा रही है। हालांकि, इस ताजा गिरफ्तारी और बरामदगी की स्वतंत्र अथवा आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं हो सकी है। इसलिए इन विवरणों को फिलहाल रिपोर्ट में किए गए दावों के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
बाठ तरनतारन जिले के मियांपुर गांव का रहने वाला बताया जाता है। पंजाब में उसके खिलाफ हत्या, हत्या की साजिश, जबरन वसूली और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) समेत कई आपराधिक मामले दर्ज होने की खबरें पहले भी सामने आ चुकी हैं। पुलिस रिकॉर्ड और मीडिया रिपोर्टों में उसे विदेश से आपराधिक नेटवर्क संचालित करने के आरोपों से जोड़ा गया है।
फर्जी पहचान और दो पासपोर्ट मिलने का दावा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कनाडा में बाठ को हरप्रीत सिंह की कथित पहचान के तहत रहने और दो यूरोपीय देशों के पासपोर्ट रखने के आरोपों का सामना करना पड़ रहा है। यह भी दावा किया गया है कि किसी करीबी की सूचना के आधार पर पुलिस उस तक पहुंची।
रिपोर्ट में कहा गया है कि सरी पुलिस सर्विस उसे कनाडा बॉर्डर सर्विस एजेंसी के हवाले करने की प्रक्रिया में थी। हालांकि, इस घटनाक्रम पर संबंधित कनाडाई एजेंसियों की आधिकारिक पुष्टि सामने आने तक गिरफ्तारी और पासपोर्ट संबंधी विवरणों को पुष्ट तथ्य के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं होगा।
पत्नी कंचनप्रीत कौर का अकाली दल से राजनीतिक संबंध
इस मामले का राजनीतिक पहलू इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि बाठ की पत्नी बताई जाने वाली कंचनप्रीत कौर का नाम शिरोमणि अकाली दल से जुड़ी राजनीतिक गतिविधियों में सामने आया है। उनकी मां सुखविंदर कौर रंधावा ने नवंबर 2025 में तरनतारन विधानसभा उपचुनाव में अकाली दल के टिकट पर चुनाव लड़ा था, लेकिन वह आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार हरमीत सिंह संधू से हार गई थीं।
उपचुनाव के दौरान बाठ पर एक मतदाता को कथित तौर पर फोन कर अकाली दल के पक्ष में मतदान करने के लिए धमकाने का मामला दर्ज हुआ था। उस समय पुलिस ने कंचनप्रीत कौर को भी एक संबंधित मामले में गिरफ्तार किया था। हालांकि, देर रात हुई सुनवाई के बाद अदालत ने उनकी गिरफ्तारी को उचित नहीं मानते हुए रिहाई के आदेश दिए थे। पुलिस ने उस समय उनके खिलाफ जांच जारी रखने की बात कही थी।
उपचुनाव के दौरान भी उठा था विवाद
नवंबर 2025 के उपचुनाव के दौरान बाठ के कथित धमकी भरे फोन कॉल को लेकर राजनीतिक विवाद हुआ था। पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उसे अकाली दल के पक्ष में वोट डालने के लिए दबाव बनाया गया। इस मामले में बाठ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी और बाद में कंचनप्रीत कौर का नाम भी जांच में जोड़ा गया।
पुलिस ने कंचनप्रीत पर बाठ के कथित आपराधिक नेटवर्क से जुड़े होने के आरोप लगाए थे, जबकि अकाली दल के नेताओं ने गिरफ्तारी को राजनीतिक प्रतिशोध बताया था। इस तरह मामले में पुलिस के आरोपों, राजनीतिक प्रतिक्रियाओं और अदालत के आदेशों को अलग-अलग संदर्भों में देखना जरूरी है।
2027 के चुनाव में टिकट को लेकर अटकलें
कंचनप्रीत कौर को लेकर यह भी अटकलें लगाई जा रही हैं कि शिरोमणि अकाली दल उन्हें 2027 के विधानसभा चुनाव में तरनतारन से उम्मीदवार बना सकता है। हालांकि, इस संबंध में पार्टी की ओर से किसी आधिकारिक घोषणा की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए उनकी संभावित उम्मीदवारी को अभी राजनीतिक चर्चा और अटकल के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि अहम
अमृतपाल बाठ की कनाडा में कथित गिरफ्तारी का दावा ऐसे समय आया है, जब पंजाब में विदेश में बैठे गैंगस्टरों के नेटवर्क और उनके कथित स्थानीय संपर्कों को लेकर पहले से चर्चा होती रही है। इस मामले में आगे की स्थिति कनाडाई पुलिस या बॉर्डर सर्विस एजेंसी की आधिकारिक जानकारी, गिरफ्तारी के दस्तावेजों और पंजाब पुलिस के बयान से अधिक स्पष्ट होगी।
फिलहाल, बाठ की गिरफ्तारी की खबर, कथित फर्जी पहचान और पासपोर्ट की बरामदगी की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। वहीं, कंचनप्रीत कौर से जुड़े पुराने मामले में अदालत के रिहाई आदेश का उल्लेख भी खबर का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
